कृषि यन्त्र-कस्टम हायरिंग सैन्टर पर अनुदान प्राप्त करने के लिये किसान का विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी, आज प्रातः 11ः00 बजे से जेनरेट होगे यन्त्रवार निर्धारित लक्ष्यो की सीमा के अन्तर्गत टोकन

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर।  उप कृषि निदेशक जसवीर सिंह ने बताया कि कृषि यन्त्रीकरण की विभिन्न योजनाओ मे कृषि यन्त्र-कस्टम हायरिंग सैन्टर पर अनुदान प्राप्त करने के लिये किसानों का विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है। जिन किसानो का पंजीकरण नही है, वह अपने आधार कार्ड व बैंक पास बुक की प्रति, खतौनी व मोबाईल न0 के साथ अपने विकास खण्ड के प्रभारी राजकीय कृषि बीज भण्डार अथवा जनपद के उप कृषि निदेशक कार्यालय से सम्पर्क कर सकते हैं।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि पंजीकृत किसान द्वारा कृषि यन्त्र पर अनुदान के लिये विभागीय पोर्टल www.upagriculture.com पर यन्त्र पर अनुदान हेतु दिये गये लिंक पर क्लिक करने के पश्चात अपना आधार न0 और मोबाईल न0 डालने पर ओटीपी आयेगा। ओटीपी सत्यापन के उपरान्त टोकन जेनरेट होगा। टोकन जेनरेशन के लिये किसान अपने ही मोबाईल न0 का इस्तेमाल करे। उन्होने बताया कि अपना मोबाईल न0 उपलब्ध न होने की स्थिति मे परिवार के ब्लड रिलेशन के भी मोबाईल न0 का इस्तेमाल कर सकते है, सत्यापन मे किसी अन्य को मोबाईल न0 पाये जाने पर अनुदान नही दिया जायेगा। किसी डीलर का मोबाईल न0 इस्तेमाल कर टोकन जेनरेट किये जाने की स्थिति मे सम्बन्धित किसान का अनुदान निरस्त करने के साथ ही सम्बन्धित डीलर को भी ब्लैक लिस्ट किया जायेगा। उन्होने बताया कि ओटीपी सत्यापन के उपरान्त टोकन जेनरेट होने पर बैंक मे जमा की जाने वाली धनराशि का चालान फार्म प्राप्त होगा। चालान फार्म मे दी गयी अवधि के अन्दर जमानत धनराशि अपने नजदीकी यूनियन बैंक की किसी भी शाखा मे जमा करनी होगी। आज 5 फरवरी को प्रातः 11ः00 बजे से यन्त्रवार निर्धारित लक्ष्यो की सीमा के अन्तर्गत टोकन जेनरेट होगे। यदि किसान का पंजीकरण फर्जी या डुप्लीकेट या गलत तथ्यो पर आधारित है अथवा किसान पहले उस यन्त्र पर अनुदान 05 वर्ष के अन्तर्गत ले चुका है। तो उसे योजनान्तर्गत लाभ देय नही होगा।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि 10000 तक अनुदान वाले कृषि यन्त्रो के लिये कोई जमानत धनराशि नही है, किन्तु 10000 से अधिक तथा 100000 तक के अनुदान वाले कृषि यन्त्रो हेतु 2500 रूपये  तथा 100000 से अधिक अनुदान वाले कृषि यन्त्रो हेतु 5000 जमानत धनराशि निर्धारित की गयी है। उन्होने बताया कि जमानत धनराशि का चालान जमा करने के 45 दिन के अन्दर कृषि यन्त्र क्रय करके बिल एवं आवश्यक अभिलेख विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने होंगे अथवा जनपदीय उप कृषि निदेशक कार्यालय मे अपलोड कराने हेतु उपलब्ध कराने होगे। इसके पश्चात लाभार्थी द्वारा क्रय किये गये कृषि यन्त्रो के सत्यापन के बाद डीबीटी के माध्यम से नियमानुसार अनुदान का भुगतान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा अनुदान हेतु क्रय किये जाने वाले सभी यन्त्र या कृषि रक्षा उपकरण भारत सरकार के एफएफटीटीआई व अन्य संस्थान जो भारत सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा मान्य प्राप्त हो से प्रमाणित अथवा वीआईएस या आईएसआई मार्क अवश्य होने चाहिये।

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