मेरी परी 

शालिनी जैन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

कुछ देर से ही सही
थोड़ा सा इन्तज़ार
पर तुम आयी तो
जिन्दगी में आयी बहार
मेरी लाडो
मेरी परी है तू
हर खुशी है तू
इल्म है मुझे
जादू की छड़ी है तू
हर दुःख भूल जाती  हूँ
जब सामने तुझे पाती हूँ

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