संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू की चल-अचल सम्पत्ति कुर्क

शि.वा.ब्यूरो,  मुज़फ्फरनगर। जिलाधिकारी ने बताया कि अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू पुत्र वेदप्रकाश निवासी अंकित विहार थाना नईमण्डी जिला मुजफ्फरनगर पर थाना नईमण्डी जिला मुजफ्फरनगर पर मु0अ0सं0-556/2020 धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 दिनांक 25.10.2020 को थाना नईमण्डी पर पंजीकृत हुआ। गैंगस्टर एक्ट में नामजद उक्त अभियुक्त द्वारा एक संगठित गिरोह का सदस्य के रूप में अनुचित रूप से आर्थिक एवं भौतिक लाभ प्राप्त करने व समाज में भय व आंतक पैदा करने के उद्देश्य से घातक हथियरों से लैस होकर लूट, अपमिश्रित अवैध शराब की तस्करी जैसे अपराध कारित कर समाज विरोधी क्रियाकलाप करते हुये अर्जित अवैध धन से अपने व अपने पत्नी के श्रीमती संतोष कर्णवाल के नाम से क्रय की गयी चल/अचल सम्पत्ति को कुर्क किये जाने के सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर की संस्तुति दिनांक 04.01.2021 के साथ संलग्न थानाध्यक्ष थाना नईमण्डी की विस्तृत आख्या दिनांक 25-11-2020 इस न्यायालय को प्रेषित की गई है।
थानाध्यक्ष नईमण्डी की आख्या के अवलोकन से स्पष्ट है कि अभियुक्त गैंग का सदस्य संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू पुत्र वेदप्रकाश निवासी अंकित विहार थाना नईमण्डी मु0नगर मूल निवासी ग्राम दतियाना थाना छपार मु0नगर एक शातिर किस्म का अपराधी है इसके विरूद्व थाना कोतवाली नगर, थाना सिविल लाईन व थाना नईमण्डी व अन्य थानों पर लूट व अवैध अपमिश्रित शराब तसकरी के अभियोग पंजीकृत है।
पंजीकृत अभियोग
1 556/2020 2/3 गैंगस्टर अधिनियम नईमण्डी आरोप पत्र
2 335/2020 60(1) आबकारी अधिनियम व 272, 273, 420, 467, 468, 471 भादंवि नईमण्डी विचाराधीन
3 422/2000 392/411 भादंवि सिविल लाईन विचाराधीन
4 212/2002 394/411 भादंवि सिविल लाईन मा0 न्यायालय ए0सी0जे0एम-02 के आदेश दिनांक 06.07.2019 को बरी
5 446/2002 2/3 गैंगस्टर अधिनियम सिविल लाईन विचाराधीन
6 610/2002 147, 148, 149, 307 भादंवि कोतवाली नगर मा0 न्यायालय ए0डी0जे0-07 द्वारा दिनांक 12.06.2010 को बरी
7 614/2002 25 शस्त्र अधिनियम कोतवाली नगर मा0 न्यायालय ए0डी0जे0-07 दिनांक 12.06.2010 को बरी
8 निल/2002 411 भादंवि कोतवाली नगर मा0 न्यायालय ए0डी0जे0-07 द्वारा दिनांक 12.06.2010 को बरी
अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू पुत्र वेदप्रकाश निवासी अंकित विहार थाना नईमण्डी मुजफ्फरनगर मूल निवासी ग्राम दतियाना थाना छपार मुजफ्फरनगर ने वर्ष 2000 में अपराध करना आरम्भ किया तथा डकैती व लूट के मुकदमें में जेल गया। जहाॅ अपराधियों के सम्पर्क में आया तथा बाहर निकलने के बाद लगातार अपने अलग अलग साथियों के साथ मिलकर लूट एवं अवैध अपमिश्रित शराब के तस्करी करने का अपराध आरम्भ किया। संगठित अपराध किये जाने के कारण अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू वर्ष 2000 में थाना सिविल लाईन व थाना कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर से व तथा वर्ष 2020 में धारा 60(1) आबकारी अधिनियम व 272, 273, 420, 467, 468, 471 भादंवि में थाना नईमण्डी से दिनांक 10.07.2020 को जेल गया।
अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू पुत्र वेदप्रकाश मूल निवासी ग्राम दतियाना थाना छपार मुजफ्फरनगर हाल अंकित विहार थाना नईमण्डी मुजफ्फरनगर में अपने परिवार के साथ निवास करता है उसके द्वारा संगठित गिरोह बनाकर लूट एवं अवैध अपमिश्रित शराब की तस्करी से समाज विरोधी क्रियाकलाप करते हुये अपार अवैध धन अर्जित किया गया। अर्जित अवैध धन
1- ग्राम नसीरपुर में एक आवासीय मकान 76.54 वर्गमीटर कीमत 2,54,000/- रूपये जिसकी वर्तमान बाजारी कीमत करीब 10,00,000/- रूपये खुद के व अपनी पत्नी श्रीमती संतोष कर्णवाल के नाम दिनांक 06.03.2018 को क्रय किया गया।
2- ग्राम बीबीपुर में एक आवासीय मकान जिला कुल क्षेत्रफल 41.80 वर्गमीटर कुल कीमत 3,97,732/- रूपये में वर्ष 13.12.2019 को अपने नाम से क्रय किया जिसका वर्तमान बाजार की कीमत 16,00,000/- रूपये है।
3- अपने नाम से कार हुण्डई आई0टेन इंजन नं0 जी4एचजी9एम702995 चैसिंस नं0 एमएएलएम51बीआर9एम277413’ए रजिस्टेªेशन नं0 यू0पी0 16 डब्लू 6884 माडल 2009 खरीदी जिसकी कीमत 2,00,000/- रूपये है।
4- अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू का संजीव कुमार के नाम से एसबीआई पचैण्डा रोड मुजफ्फरनगर में खाता सख्ंया 20297468083 चालू है, जिसमें 90,930.18 रूपये मौजूद है, जो अभियुक्त की अवैध कमाई का हिस्सा है।
5- अभियुक्त वर्ष 2020 में मु0अ0सं0-556/2020 धारा 2/3 उ0प्र0 गिरोहबन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की विवेचना के दौरान अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू पुत्र वेदप्रकाश निवासी अंकित विहार कालोनी निकट के0एस0पब्लिक स्कूल के बराबर में पचैण्डा रोड थाना नईमण्डी मुजफ्फरनगर मूल निवासी ग्राम दतियाना छपार मु0नगर ने अपने बयान अन्तर्गत धारा 161 दं0प्र0सं0 में बताया किः-
मैं सिद्वबली फैक्ट्री में मजदूरी करता था। मैं साधारण व्यक्ति था लेकिन कम समय में ज्यादा धन कमाने की लालसा हो गयी थी जिस कारण मैं अपराध करने लगा। सन् 2000 में मैने थाना सिविल लाईन क्षेत्र में अपने साथियों के साथ एक लूट की घटना को अंजाम दिया, लेकिन उसमें वाद में पकडा गया और जेल चला गया था। लूट की घटना में ज्यादा जोखिम होने के कारण मैने फिर अवैध शराब का धंधा किया, जिसमें कम जोखिम अच्छे रूपयों की कमायी हो जाती थी जब मेरा अवैध शराब का काम ज्यादा बढ गया तो मैने अपने साथ गौरव पुत्र उपेन्द्र, टीटू व सन्नी को भी साथ लगा लिया था। शराब में अच्छा मुनाफा व पैसा कमाने के बाद मैने इस कारोबार से कमाये रूपये से अपने व अपनी पत्नी के नाम चल व अचल सम्पत्ति खरीदी जिसमें ग्राम नसीरपुर में एक मकान अपनी पत्नी संतोष के नाम से और उसके बाद ग्राम बीबीपुर में अपने नाम से एक कार आई-10 अपने नाम से खरीदी इसके अलावा अपने व अपनी पत्नी के नाम से बैंक में पैसा भी जमा किया। एक मकान मेरे पास अंकित विहार कालोनी में भी है जिसमें मैं आज कल अपने परिवार के साथ रह रहा हूॅ। ये सभी चल व अचल सम्पत्ति मैने शराब के कारोबार की कमायी से ही खरीदी है। मुझसे गलती हो गयी अब मैं इस काम को भी छोड दूगा।
अभियुक्त द्वारा अवैध रूप से अपराध कारित कर अर्जित की गयी सम्पत्तियों की प्रभारी निरीक्षक नईमण्डी से जाॅच में पाया गया कि अभियुक्त ने वर्ष 2000 से लूट व बाद में अपमिश्रित अवैध शराब की तस्करी कराना आरम्भ कर दिया था, जिसे अभियुक्त को कम खतरा में अच्छा लाभ होने लगा जिसमें उसके द्वारा अलग अलग साथियों के साथ मिलकर अपराध कारित किये। उक्त अपराधों के दौरान उसके द्वारा एक संगठित गिरोह के सदस्य के रूप में समाजविरोधी क्रियाकलापों को अंजाम दिया गया और अवैध रूप से धन अर्जित किया गया। उक्त अर्जित धन से संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू ने अपने, अपनी पत्नी श्रीमती संतोष कर्णवाल के नाम से उपरोक्त चल/अचल सम्पत्ति खरीदी।
उक्त प्रकरण में अचल सम्पत्ति प्लाट व मकान की जांच के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय से बैनामों की प्रमाणित छायाप्रति प्राप्त की गयी तथा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया। चल सम्पत्ति की जांच के दौरान आरटीओ कार्यालय से संजीव कुमार के नाम से क्रय की गयी एक कार हुण्डई आई-10 इंजन जी4एचजी9एम702995 चैसिंस नं0एमकएलकएम51बीआर9एम277413’ए रजिस्टेªशन नं0-यू0पी016डब्लू 6884 माडल 2009 रजिस्टेªशन की प्रमाणित प्रति सलंग्न है।
थाना प्रभारी की जांच के दौरान यह भी पाया गया कि अभियुक्त के परिवार में उसके अतिरिक्त उसकी पत्नी श्रीमती संतोष कर्णवाल उम्र करीब 42 वर्ष रहती है, जोकि अपने जीवन यापन के लिये अपने पति पर निर्भर है, के साथ उक्त अवैध रूप से खरीदे हुये मकान में रहती है। अभियुक्त का सम्पूर्ण परिवार अभियुक्त द्वारा अर्जित की गयी सम्पत्ति पर ही निर्भर है इसके परिवार का कोई सदस्य नौकरी नही करता है।
अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू पुत्र वेदप्रकाश निवासी अंकित विहार थाना नईमण्डी मु0नगर मूल निवासी ग्राम दतियाना छपार मुजफ्फरनगर द्वारा संगठित गिरोह के सदस्य के रूप में भौतिक एवं आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से संगठित गिरोह बनाकर लूट एवं अपमिश्रित शराब की तस्करी आदि के अपराध कारित कर समाज विरोधी क्रियाकलापों को अंजाम देकर उक्त सम्पत्ति अर्जित की गई।
अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू पुत्र वेदप्रकाश निवासी अंकित विहार थाना नईमण्डी मुजफ्फरनगर मूल निवासी ग्राम दतियाना छपार मुजफ्फरनगर के विरूद्व प्राप्त पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर उ0प्र0 गिरोहबन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के अन्तर्गत अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू के द्वारा अर्जित की गयी उक्त सम्पत्ति को कुर्क किये जाने की मांग की गई।
प्रकरण पंजीकृत किया गया तथा उपर्युक्त आख्या एवं आख्या के साथ संलग्न अभिलेखीय साक्ष्य का गहनता से अध्ययन एवं अनुशीलन किया गया। अभिलेखों के अनुशीलन से अधोहस्ताक्षरी का समाधान हो गया है कि अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू एक शातिर किस्म का अपराधी है। अभियुक्त उपरोक्त द्वारा वर्ष 2000 में अपराध करना आरम्भ किया तथा लूट के मुकदमें में जेल गया। जेल में रहते हुए अपराधियों के सम्पर्क में आया तथा जेल से बाहर निकलने के बाद लगातार अपने अलग-अलग साथियों के साथ मिलकर लूट एवं अवैध अपमिश्रित शराब के तस्करी करने का अपराध करने लगा। वर्ष 2000 से निरन्तर लूट एवं अवैध अपमिश्रित शराब की तस्करी जैसे गम्भीर अपराधों में लिप्त रहकर अवैध तरीके से समाज विरोधी क्रियाकलाप कर अवैध रूप से धन अर्जित किया है। उक्त कारित अपराधों को अन्जाम देकर अपराध से अर्जित अवैध धनराशि से ग्राम नसीरपुर में एक आवासीय मकान 76.54 वर्गमीटर, ग्राम बीबीपुर में एक आवासीय मकान कुल क्षेत्रफल 41.80 वर्गमीटर व अपने नाम से कार हुण्डई आई0टेन इंजन नं0 जी4एचजी9ड702995 चैसिंस नं0 एमएएलकएम51बीआर9एम277413’ए रजिस्टेªेशन नं0 यू0पी0 16 डब्लू 6884 माडल 2009 खरीदी। अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू का संजीव कुमार के नाम से एसबीआई पचैण्डा रोड मुजफ्फरनगर में खाता सख्ंया 20297468083 चालू है, जिसमें 90,930.18 रूपये मौजूद है, जो अभियुक्त की अवैध कमाई का हिस्सा है। इनके द्वारा निरन्तर लूट एवं अवैध अपमिश्रित शराब की तस्करी जैसे अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहकर गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की परिधि में आने वाले अपराध कारित करके अनुचित रूप से धन अर्जित किया तथा इनके द्वारा इस प्रकार अर्जित किये गये धन से उपरोक्त चल/अचल सम्पत्ति सुनियोजित ढंग से अर्जित की गई है, जिसका कुर्क किया जाना न्यायहित में आवश्यक है।
अतः मैं सेल्वा कुमारी जे0, जिला मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एंव समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा-14(1) में प्रदत्त शाक्तियों का प्रयोग करते हुए अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू पुत्र वेदप्रकाश निवास अंकित विहार थाना नईमण्डी मुजफ्फरनगर मूल निवासी ग्राम दतियाना थाना छपार मुजफ्फरनगर द्वारा अपने एवं अपनी पत्नी श्रीमती संतोष कर्णवाल के नाम अवैध धन अर्जित कर क्रय की गई निम्नलिखित अचल सम्पत्ति को दं0प्र0सं0 1973 के उपबन्धों के अनुसार कुर्क करने का आदेश पारित करती हॅू।
कुर्क की गई चल/अचल सम्पत्ति 
1- ग्राम नसीरपुर में एक आवासीय प्लाट 76.54 वर्गमीटर कीमत 2,54,000/- रूपये दिनांक 06.03.2018, जिसकी वर्तमान बाजारी कीमत करीब 10,00,000/- रूपये (अभियुक्त एवं उसकी पत्नी श्रीमती संतोष कर्णवाल के नाम)
2- ग्राम बीबीपुर में एक आवासीय मकान जिसका कुल क्षेत्रफल 41.80 वर्गमीटर कुल कीमत 3,97,732/- रूपये में दिनांक 13.12.2019, जिसका वर्तमान बाजार की कीमत 16,00,000/- रूपये है। (अभियुक्त के नाम)
3-कार हुण्डई आई0टेन इंजन नं0 जी4एचजी9एम702995 चैसिंस नं0 एमएएलएएम51बीआर9एम277413’ए रजिस्टेªेशन नं0 यू0पी0 16 डब्लू 6884 माडल 2009 खरीदी जिसकी कीमत 2,00,000/- रूपये है। (अभियुक्त के नाम)
4- अभियुक्त संजीव उर्फ काला उर्फ कल्लू खाता स्टेट बैंक आफॅ इण्डिया पचेण्डा रोड मुजफ्फरनगर में खाता सख्ंया 20297468083 है, जिसमें नकद धनराषि 90,930.18(नब्बे हजार नौ सौ तीस रूपये अठठारह पैसे) जमा है। उक्त खाते को सीज करते हुए इस खाते से किसी भी प्रकार से आहरण/वितरण को प्रतिबन्धित किया जाता है।
इस कुर्की आदेश के विरूद्ध यदि अभियुक्त/दावेदार को कोई आपत्ति/प्रत्यावेदन प्रस्तुत करना हो तो, आदेश की जानकारी से 03 माह के अन्दर अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में प्रस्तुत करें, अन्यथा यह मान लिया जायेगा कि इस सम्बन्ध में उसे कोई कथन नहीं करना है तथा उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा-15 के अन्तर्गत अन्तिम आदेश पारित करते हुए धारा-16 के अन्तर्गत प्रकरण सक्षम न्यायालय को सन्दर्भित कर दिया जायेगा।
उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एंव समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा-14(3) के अन्र्तगत शक्तियों का प्रयोग करते हुए ग्राम नसीरपुर स्थित आवासीय प्लाट एवं ग्राम बीबीपुर स्थित आवासीय मकान एवं अभियुक्त का खाता स्टेट बैंक आॅफ इण्डिया पचेण्डा रोड मुजफ्फररनगर के लिये तहसीलदार सदर जनपद मुजफ्फरनगर एवं कार हुण्डई आई0टेन रजिस्टेªेशन नं0 यू0पी0 16 डब्लू 6884 के लिये प्रभारी निरीक्षक नईमण्डी को उपरोक्त कुर्क की गई चल/अचल सम्पत्ति का प्रशासक नियुक्त किया जाता है। प्रशासक को उपरोक्त सम्पत्ति के सर्वोत्तम हित में उसका प्रबन्ध करने की सभी शक्तियां प्राप्त होगी।
उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा-14(4) के अनुसरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर से अपेक्षा की जाती है कि वह उपरोक्त कुर्क की गई सम्पत्ति के उचित एवं प्रभावी प्रबन्ध के लिये प्रशासक को पुलिस सहायता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

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