भय, भ्रम, भ्रान्ति एवं अफवाहों से दूर रहें तथा घबराने की कोई आवश्यकता नहीं, जनपद में अब तक मात्र 12 मृत जंगली पक्षी एवियन इन्फ्लुएन्जा पाॅजीटिव


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि 13 जनवरी की देर रात्रि को ग्राम कुतुबपुर के कब्रिस्तान में मृत पाये गये कौवों के सैंपल्स कैडरैड IVRI बरेली में एवियन इन्फ्लुएन्जा की प्रारम्भिक जांच में पोजिटिव पाये जाने के फलस्वरूप 16 जनवरी को रिपोर्ट प्राप्त होते ही विधिसम्मत कार्यवाही करते हुए उसी दिन  भारत सरकार के एक्शन प्लान 2021 के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिसूचना जारी कर प्रभावित क्षेत्र को अलर्ट जोन घोषित कर दिया गया था तथा भारत सरकार के एक्शन प्लान में इंगित सभी बिन्दुओं पर कुतुबपुर को ऐपीसैन्टर बनाते हुए अलर्ट जोन में सभी इगिंत बिन्दुओं पर विधिसम्मत कार्यवाही की जा रही है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में सर्वेलान्स के कार्य को द्रुत गति प्रदान करते हुए अब तक कुल 345 सैंपल्स एवियन इन्फ्लुएन्जा की जाॅच हेतु कैडरैड IVRI बरेली भेजे जा चुके हैं, जिनमें से अभी तक कुल 12 मृत जंगली पक्षियों में एवियन इन्फ्लुएन्जा की पुष्टि हो चुकी है, जो भेजे गए सैंपल्स का मात्र 3.47 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि
वन एवं पशुधन विभाग की संयुक्त रेडी रेस्पोन्स टीमों द्वारा जंगली एवं पालतू पक्षियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, इसी के दृष्टिगत सघन सर्वेलान्स कार्य निरन्तर जारी है। उन्होंने बताया कि सभी कुक्कुट फार्मों पर ड़िसइन्फेक्शन, सेनेटाइजेशन सहित अन्य सभी बायोसिक्योरिटी उपाय निरन्तर अपनाये जा रहे हैं। अभी तक जनपद में कहीें से भी एक साथ अचानक भारी संख्या में जंगली, प्रवासी अथवा पालतू पक्षियों की भारी सख्ंया में मृत्यु की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने अपील की है कि यदि जनपद में कहीं भी भारी संख्या में पक्षियों की मृत्यु होती है तो कृपया तत्काल सूचना जिला स्तरीय कोविड़, बर्ड फ्लू कन्ट्रोल रूम के दूरभाष संख्या 0131-2436918 या 9412210080 या नोडल अधिकारी, बर्ड फ्लू 9654255524 पर दें, ताकि मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के उपरान्त भारत सरकार के एवियन इन्फ्लुएन्जा की रोक, नियन्त्रण एवं शमन एक्शन प्लान 2021 का विभिन्न विभागों के सहयोग से अनुपालन करवाया जा सकें। ऐसी स्थिति में मृत पाये गये पक्षियों के स्थान को केन्द्र मानते हुए एक किलोमीटर की परिधि को इन्फेक्टेड़ जोन घोषित करते हुए इन्फेक्टेड़ जोन के अन्दर स्थित सभी पक्षियों की कलिंग करनी होगी तथा इन्फेक्टेड़ जोन की परिधि से 9 किलोमीटर बाहर की ओर अर्थात ऐपीसैन्टर से 10 किलोमीटर की परिधि के क्षेत्र को सर्वेलान्स जोन घोेषित करते हुए सभी प्रोटोकाॅल सघन एवं सतत रूप से अपनाये जायेगें।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने अपील की है कि वह भय, भ्रम, भ्रान्ति एवं अफवाहों से दूर रहें तथा घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। बर्ड़ फ्लू जैसी आपदा से निपटने हेतु सभी सम्बन्धित विभागों के पास समुचित संसाधन प्रर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

Related posts

Leave a Comment