किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित न हो और कोई छूट न जाए

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर।  अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन)/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (पंचायत) अमित कुमार सिंह ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश की अधिसूचना दिनांक 28 जनवरी 2021 के द्वारा निर्देश दिये गये है कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण के दौरान नियत समय तक प्राप्त दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया में यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि उत्तर प्रदेश पंचायतराज अधिनियम, 1947 तथा उत्तर प्रदेश पंचायतराज (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण) नियमावली, 1994 के सुसंगत प्रावधानों के अनुसार भलीभांति संवीक्षा कराई जाए ताकि किसी पात्र व्यक्ति का निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज होने से न छूट जाए।
उन्होने कहा कि यदि कतिपय कारणों से पात्र व्यक्तियों का नाम निर्वाचक नामावली में छूट जाता है या त्रुटिपूर्ण होता है या अपात्र व्यक्ति का नाम सम्मिलित हो जाता है तो निर्वाचक नामावली के अन्तिम प्रकाशन के उपरान्त उत्तर प्रदेश पंचायतराज अधिनियम, 1947 की धारा-9 की उपधारा (10) के अन्र्तगत अधिसूचित उत्तर प्रदेश पंचायतराज (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण) पूरक उपबन्ध आदेश दिनांक 10 मई, 2005 के प्रस्तर-2 (छ) के अनुसार निर्वाचक नामावली के दिनांक 22 जनवरी 2021 को अन्तिम प्रकाशन के उपरान्त से जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी(पं0) द्वारा निर्वाचन की नोटिस जारी किए जाने के पूर्व तक की अवधि में नाम सम्मिलित करने, संशोधन एवं विलोपन हेतु नागरिकों द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन किया जा सकता है। अतः सर्वसाधारण को यह सूचित किया जाता है कि इस अवधि में भी वे नाम सम्मिलित करने, संशोधन एवं विलोपन हेतु आवेदन कर सकते है। उक्त समयावधि में प्राप्त आवेदन पत्रों की संवीक्षा करके नाम सम्मिलित करने, संशोधन एवं विलोपन की कार्यवाही नामांकन के लिए नियत अन्तिम दिनांक तक की जाएगी। इसमें भी यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी पात्र व्यक्ति का नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने से छूट न जाए तथा किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित न हो।

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