शहीद मंगल पाण्डेय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया

शि.वा.ब्यूरो, मेरठ। शहीद मंगल पाण्डेय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सुभाष चन्द्र बोस जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो दिनेश चंद, मुख्य अतिथि सोमेंद्र तोमर एवं महाविद्यालय के प्राध्यापको द्वारा ज्ञान की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रजजवलित कर माल्यार्पण एवं पुष्पार्पण करके किया गया। इसके साथ ही नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के चित्र पर भी माल्यार्पण एवं पुष्पार्पण किया गया। प्राचार्य प्रो. दिनेश चंद ने एक पौधा भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।


बतौर मुख्य अतिथि सोमेंद्र तोमर ने महाविद्यालय की नव निमित कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, जंतु विज्ञान प्रयोगशाला व ऑटोमेटेड पुस्तकालय का लोकार्पण किया। एनसीसी कैडेट इलमा ने पराक्रम दिवस पर कविता का पाठ किया, कैडेट कीर्ति द्वारा सुभाष चंद्र बोस का जीवन परिचय प्रस्तुत किया गया। कैडेट हिमांशी वत्स ने उत्तर प्रदेश दिवस पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य स्थलों व उपलब्धियों से अवगत कराया। महाविद्यालय के राजनीति विभाग के प्राध्यापक डॉ. आरसी सिंह ने सुभाष चन्द्र बोस के जीवन चरित्र व देश की स्वतंत्रता में उनके विशेष योगदान का उल्लेख किया। डॉ. अनीता गोस्वामी ने गोपाल प्रसाद व्यास द्वारा रचित अत्यधिक ओजस्वी कविता वह खून कहो किस मतलब का….. का पाठ किया।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया। डॉ. सोमेंद्र तोमर ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के योगदान व संघर्षों से परिचित कराते हुए छात्राओं से देश के गौरवमयी इतिहास को पढ़ने हेतु प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिदिन गुडमॉर्निंग के स्थान पर जय हिन्द बोलने का सुझाव भी दिया। प्राचार्य प्रो. (डॉ.) दिनेश चंद ने सुभाष चन्द्र बोस को सच्चा स्वतंत्रता सेनानी कहा और आज मेरे देश को सुभाष चाहिए… कविता का पाठ किया। प्राचार्य ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर महाविद्यालय पधारने व आतिथ्य स्वीकार करने हेतु आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. लता कुमार ने किया। कार्यक्रम में डॉ. भारती दीक्षित, डॉ. अनुजा गर्ग, डॉ. ममता सागर, डॉ. मंजू रानी, डॉ. मोनिका चौधरी, डॉ. स्वर्णलता कदम, डॉ. गीता चौधरी, डॉ. भारती शर्मा, डॉ. अमर ज्योति, डॉ. पारुल मालिक, डॉ. शालिनी वर्मा, डॉ. डेजी वर्मा, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. गौरी, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. नीता सक्सेना व डॉ. अरविंद कुमार का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे।

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