वाराणसी में अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा का विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन 30-31 जनवरी को

शि.वा.ब्यूरो, वाराणसी। अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा द्वारा 30-31 जनवरी को आयोजित होने वाले विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन सह चुनाव में देश के सभी राज्यों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी कूर्मि कौशल किशोर आर्य ने बताया कि अधिवेशन के तैयारी और अन्य विषय पर समीक्षा के लिए पिछले सप्ताह ऑनलाईन बैठक की गई, उसके बाद कल भी वाराणसी और स्थानीय कूर्मि मित्रों की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से शामिल हो रहे कूर्मि बंधुओं के आतिथ्य सत्कार और अन्य सुविधाओं पर ध्यान रखने का संकल्प लिया गया। इसके लिए भोजन व्यवस्था टीम, आवास आवंटन टीम, सत्कार टीम समेत अन्य विभिन्न टीम बनाकर जवाबदेही सौप दी गई।

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी कूर्मि कौशल किशोर आर्य ने बताया कि आर्य ने बताया कि रायपुर (छतीसगढ़) में 03-04 मार्च 2021 को आयोजित किये जाने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन सह कूर्मि महासम्मेलन में चुनाव कराने के निर्णय लिये गये थे, पर बाद में तकनीकी कारण से चुनाव को लंबा नहीं खिंचे जाने और 30-31 जनवरी 2021 को तेलिया बाग, आन्दरापूल, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाकर चुनाव कराने का फैसला लिया गया, जिसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। इस राष्ट्रीय अधिवेशन सह चुनाव में देश के सभी राज्यों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के लिए सभी राज्यों के कूर्मि मित्रों को निमंत्रण दिये जा चुके हैं। जिन कूर्मि मित्रों को इस राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेना है वे मोबाइल नं 9322358599, 9695570922 पर सम्पर्क करके यथाशीघ्र सूची (जिला व राज्य सहित) भेजने की कृपा करे। जो कूर्मि मित्र अब तक किसी भी कारण से अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के सदस्य नहीं बने हैं, वे वाराणसी में सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। वैसे भी महासभा की सदस्यता को अब 365 दिनों के लिए खोल दिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा कूर्मि मित्र महासभा की सदस्यता ग्रहण करके महासभा और कूर्मि समाज की सेवा कर सकें। कूर्मि कौशल किशोर आर्य ने बताया कि सभी राज्यों में पंचायत, वार्ड से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सभी कूर्मि मित्रों को जोड़कर अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा को उत्तर भारत से दक्षिण भारत और पूर्व भारत से पश्चिम भारत तक मजबूत बनाने के साथ ही कूर्मि समाज को सामाजिक, शैक्षणिक, शारीरिक, आर्थिक, बौद्धिक, मानसिक, वैचारिक, सांगठनिक और राजनैतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार पूरी कोशिश कर रहे हैं, पर यह तभी सफल हो पाएगा जब हर कूर्मि तन, मन और धन से अपनी-अपनी जवाबदेही निभाने के लिए तैयार होंगे। आर्य ने बताया कि 2008 के हैदराबाद राष्ट्रीय अधिवेशन से दो गुटों में बंटे अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के दोनों गुटों को एकीकरण करके मजबूत बनाने की कोशिश लगातार की गई है, पर अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। नन्दकुमार बघेल दोनों गुटों को एकीकरण की लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसमें सभी को अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी तभी यह बड़े क्रांतिकारी इस काम को पूरा किया जा सकता है।

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