शिक्षकों की नई स्थानान्तरण नीति में कई बदलाव संभव

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी की राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के संबंध में हुई बैठक में अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण के सम्बन्ध में शिक्षा मंत्री ने द्वारा बताया कि स्थानान्तरण नीति में परिवर्तन की प्रक्रिया गतिमान है। शीघ्र ही कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री की माने तो ग्रामीण और नगर का कैडर समाप्त करके एक किया जाएगा। स्थानान्तरण के पश्चात महिला शिक्षकों की भांति पुरुष शिक्षकों से भी विकल्प लिया जाएगा। स्थानान्तरण के पश्चात सीधे विद्यालय में नियुक्ति होगी, न कि बीएसए कार्यालय में महीने भर लटकाए रखा जाएगा। पारस्परिक स्थानान्तरण की सूची घोषित नहीं करने का कारण भी यही बताया गया है, ताकि अनावश्यक दबाव न पड़े। नवनियुक्त शिक्षकों को भी इस नवीन प्रक्रिया के ही आधार पर विद्यालय आवंटित किया जाएगा।
जानकारों के अनुसार शिक्षा मंत्री के बयान से यह स्पष्ट है कि सरकार बेसिक शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव और परिवर्तन करने की ओर अग्रसर है। ऐसी स्थिति में शिक्षकों को चाहिए कि वह अपने अपने बहुमूल्य उपयोगी सुझाव बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव, निदेशक, महानिदेशक, मुख्य सचिव व राज्यपाल को डाक पत्र के माध्यम से भेज कर ट्रांसफर पॉलिसी बनाने में अपने सुझाव दें, जिससे भविष्य में होने वाले अंतर्जनपदीय ट्रांसफर का अधिक से अधिक फायदा हो सकें और शिक्षक अपने निकटवर्ती जनपद या मंडल में तैनाती पा सकें।
बता दिन कि अभी हाल ही में एक शिक्षक संगठन ने सरकार से यह मांग की थी कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधिकारों में कटौती की जाए और शिक्षकों का नियुक्ति प्राधिकारी मंडल स्तरीय बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी को बनाया जाए। यह भी मांग की थी कि यदि शिक्षकों की तैनाती गृह जनपद में हो पाना सरल और संभव ना हो तो शिक्षकों को कम से कम उनके ग्रह मंडल में तो तैनाती दी ही जानी चाहिए।
शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी से भेंट करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह, प्रदेश महामंत्री भगवती सिंह, रीना त्रिपाठी एवं अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री ओमपाल प्रमुख रूप से शामिल थे।

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