एडेड जूनियर हाई स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए पहली बार होगी लिखित परीक्षा

ज्ञात हो कि प्रदेश सरकार हर साल परीक्षा नियामक प्राधिकारी उप्र प्रयागराज की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा करा रही है, इसमें प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की दो स्तर की परीक्षाएं एक ही दिन में दो पालियों में होती हैं। सूबे के प्राथमिक स्कूलों में नियमित अंतराल पर भर्तियां हो रही हैं, लेकिन उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी उत्तीर्ण करने वालों को मौका नहीं मिल पा रहा था। 2019 की टीईटी में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे लेकिन उत्तीर्ण 60068 ही  हुए थे। इसी तरह से 2016, 2017 व 2018 का भी आंकड़ा है। यानी हर वर्ष परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों की संख्या पचास हजार से अधिक रही है। इसी तरह से केंद्र की टीईटी में भी वर्ष दो बार अभ्यर्थी उत्तीर्ण हो रहे हैं।sutron की माने तो बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर सीधी भर्ती नहीं होगी, बल्कि वहां के पद प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को पदोन्नति देकर भरने का प्रविधान नियमावली में किया गया है। ऐसे में अब एडेड जूनियर हाईस्कूल में ही दावेदारी हो सकेगी। हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापक पद पर उन्हीं शिक्षकों को पदोन्नत किया जाए, जो उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी उत्तीर्ण हों। इसे दो जजों की पीठ में चुनौती दिया गया तो कोर्ट ने एकल पीठ में ही निस्तारण का आदेश दिया, तब से यह प्रकरण अधर में लटका है।

बता दें कि परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में जुलाई 2013 में विज्ञान व गणित के शिक्षकों की सीधी भर्ती निकाली गई थी। जनवरी-फरवरी 2015 तक सात चरण की काउंसिलिंग के बाद 26115 अभ्यíथयों का चयन हुआ था, नियुक्ति सितंबर-अक्टूबर 2015 में दी जा सकी। आठवें चरण की काउंसिलिंग के बाद जनवरी-फरवरी 2016 में नियुक्ति पत्र दिया गया। अब दो हजार पदों का प्रकरण शीर्ष कोर्ट में विचाराधीन है।

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