पशुपालन विभाग की दिशा तय कर सकता है सीवीओ डा.एमपी सिंह का एक्शन प्लान

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जनपद के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.एमपी सिंह ने जनपद के गांव कुतुबपुर में कुछ जंगली पक्षियों की मृत्यु को बर्ड फ्लू की दस्तक मानते हुए भविष्य में किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए कुछ ऐसे एहतिताती कदम उठाये कि प्रदेश के विभागीय अफसर उनके मुरीद हो गये। अपनी सूझबूझ के कारण ही वे प्रदेशभर के अफसरों के लिए नजीर बन गये हैं। स्थिति ऐसी बन गयी है कि डा.एमपी सिंह का एक्शन प्लान पशुपालन विभाग की दिशा तय कर सकता है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.एमपी सिंह की मानें तो 16 जनवरी को सांय 5.30 बजे जानसठ तहसील के गांव कुतुबपुर में कुछ जंगली पक्षियों के मृत पाये की सूचना उस समय प्राप्त हुई थी, जब वे दिनभर कार्यालय का काम निपटाकर अपने आवास की ओर जा रहे थे, लेकिन सूचना प्राप्त होते ही वे वापिस कार्यालय पहुंचे और कार्यालय को खोलकर मामले की सूचना तत्काल विभागीय निदेशक व जिलाधिकारी को दी थी, लेकिन मांगे जाने के बावजूद विभाग के आला अफसरों द्वारा स्थित से निपटने के लिए उन्हें कोई मार्गदर्शन प्राप्त नहीं हुआ। असमंजस की स्थिति मंे भी उन्होंने टैक्निकल एक्सपर्ट के रूप में अपनी जिस क्षमता का प्रदर्शन किया वह विभाग की दशा व दिशा तय करने के लिए नजीर बन सकता है। डा.एमपी सिंह ने बताया कि अभी तक जो रिपोर्ट आयी है, उसमें कुछ ज्यादा स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुछ लोगांे ने इस मामले को लेकर सनसनी का माहौल पैदा कर दिया है, जबकी ऐसा कुछ नहीं है। इससे पोल्ट्री व्यवसाय को काफी नुकसान पहुंच सकता है।
ज्ञात हो कि जनपद के गांव कुतुबपुर में कुछ मृत कौओं की सूचना पर जिला प्रशासन सहित पोल्ट्री का व्यवसाय करने वालों व मुर्गा आदि का मांस खाने वालों में बदहवासी का माहौल बनता जा रहा था। इसमें सोशल मीडिया ने भी अपुष्ट समाचारों का प्रकाशन करके आग में घी का काम किया था, लेकिन जनपद में तैनात मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एमपी सिंह ने न केवल पत्रकारों से संयम बरतने की अपील की, बल्कि बिना विभागीय आला अफसरों की गाइडलाइन के कुछ ऐसे एहतियाती कदम उठाये कि वे पूरे राज्य में विभागीय अफसरों के लिए नजीर बन गये। विभागीय सूत्रों की मानें तो जनपद में लागू किये गये कुछ प्रावधानों के बारे में आधार बनी अधिसूचना में कुछ बाते स्पष्ट नहीं है, लेकिन डा. एमपी सिंह ने टैक्निकल एक्सपर्ट के रूप में अपने अनुभव और विवेक के आधार पर कुछ ऐसे प्रावधान जोड़ दिये, जो किसी भी स्थिति से निपटने में मददगार साबित होंगे। डा.एमपी सिंह के एक्शन प्लान के लिए अन्य जनपदों के विभागीय अफसरों ने न केवल बधाई दी है, बल्कि कुछ टिप्स भी चाहे हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की मानें तो जनपद में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी व पशुधन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की संयुक्त रेडी रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है, ताकि सूचना प्राप्त होने पर पक्षियों का तत्काल विधिसम्मत परीक्षण किया जा सके। सीवीओ के अनुसार पालतू पक्षियों में अचानक भारी मृत्यु होने सम्बन्धी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन जनपद सम्भावित 10 किलोमीटर के रेडियस में आने वाले गांवों को अलर्ट जोन घोषित करते हुए अधिसूचना के अनुसार प्रतिबंध लागू किये गए हैं। जिलाधिकारी सहित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.एमपी सिंह ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, न फैलाने, न फैलने देने की अपील करते हुए मीडिया से भी संयम बरतने की अपील की है।

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