आधार सत्यापन से खुली फर्जी नामांकन की पोल

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। परिषदीय स्कूलों में बच्चों के आधार सत्यापन में छात्रों के फर्जी नामांकन की परतें उधड़ रही हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लखनऊ मंडल के जिलों में कराये जा रहे आधार सत्यापन में मंडल के छह जिलों में नामांकित कुल छात्रों में से लगभग 51 फीसद बच्चों के आधार की ब्लॉक स्तर पर डाटा एंट्री हो सकी है। इन 51 फीसद बच्चों में से 24.5 प्रतिशत छात्र आधारविहीन पाये गए हैं। वहीं पांच प्रतिशत बच्चों के आधार त्रुटिपूर्ण पाये गए हैं।
परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या को फर्जी तरीके से बढ़ा-चढ़ाकर दर्शाने के बारे में प्राय: विभाग के ही उच्चाधिकारी संदेह जताते रहे हैं। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी बच्चों का आधार कार्ड बनवाना अनिवार्य किया था। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विभाग ने लखनऊ मंडल में बच्चों का आधार सत्यापन शुरू कराया था।
बता दें कि बेसिक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर डाटा कैप्चर फार्मेट के मुताबिक लखनऊ मंडल के छह जिलों के परिषदीय स्कूलों में 22,95,337 बच्चों के नाम दर्ज है। इनमें से 51 प्रतिशत यानी 11,70,960 बच्चों के ही आधार की ब्लॉक स्तर पर डाटा एंट्री हुई है। इनमें से 8,23,538 बच्चों का आधार सत्यापन किया जा चुका है।

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