श्री राम काॅलेज में आयोजित 7 दिवसीय कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग कार्यशाला संपन्न

शि.वा.ब्यूरो, मुज़फ्फरनगर। श्री राम काॅलेज के कम्प्यूटर एप्लीकेशन संकाय मे चल रही 7 दिवसीय कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग कार्यशाला का समापन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग की नवीनतम तकनीक से अवगत कराया गया। इस अवसर पर श्रीराम काॅलेज के निदेशक डा0 आदित्य गौतम ने कहा कि विश्वविद्यालय पाठयक्रम में हार्डवेयर शिक्षा का प्रावधान न होने के बावजूद छात्रो को इस क्षेत्र में शिक्षित करने के लिये कम्प्यूटर संकाय ने जो पहल की है उसके लिये कम्प्यूटर संकाय बधाई का पात्र है। उन्होने कहा कि जैसे शरीर को क्रियाशील बनाये रखने के लिये शरीर के विभिन्न अंगो की देखभाल जरूरी है, वैसे ही कम्प्यूटर के सही संचालन के लिये हार्डवेयर को दुरूस्त रखना पड़ता है। हार्डवेयर के ज्ञान से कोई भी व्यक्ति अपने कम्प्यूटर की सही देखरेख कर सकता हैं। कम्प्यूटर संकाय के विभागाध्यक्ष निशांत राठी ने कहा कि कम्प्यूटर संकाय ने हार्डवेयर शिक्षा की पहल कर विद्यार्थियो को पाठ्यक्रम से अतिरिक्त ज्ञान प्रदान करने का अनूठा प्रयोग किया है, इससे विद्यार्थियो को अपने कम्प्यूटर की संरचना को जानने में सहायता मिलेगी। कम्प्यूटर में कोई खराबी आने पर विद्यार्थी स्वयं ही समस्या का समाधान कर सकते है। हार्डवेयर इन्जीनिरिंग के क्षेत्र में भी असीम सम्भावनाये है। रोजगार के अवसर काॅर्पोरेट जगत एवं स्वयं रोजगार के रूप में उपलब्ध है।


कार्यशाला को सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक दो भागो में विभाजित किया गया। सैद्धान्तिक रूप से हंस कुमार ने विद्यार्थियों को कम्प्यूटर हार्डवेयर के विषय में ज्ञान प्रदान किया। वही प्रायोगिक सत्र में मनोज पुण्डीर व दिनेष यादव ने विद्यार्थियों को कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग के बारे में प्रयोगात्मक जानकारी प्रदान की। विषय विशेषज्ञ हंस कुमार ने आन्तरिक पार्टस के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। सभी पार्टस की कार्यप्रणाली को समझाते हुये एक सम्पूर्ण कम्प्यूटर सिस्टम बनाना सिखाया उन्होने जोर देकर कहा कि सिर्फ  नवीनतम तकनीक के उपकरण लगवाने मात्र से ही एक प्रभावी कम्प्यूटर नही बनता है, बल्कि सभी पार्टस का समरूप होना अत्यावश्यक है। एक सेलराॅन सिस्टम भी डयूएल-कोर अथवा कोर-टू -डूओ से बेहतर गति से कार्य कर सकता, अगर उसके सभी उपकरणों मे समरूपता हो।
कार्यशाला में नीतू सिंह, रिषु जैन श्रीला पारिक, प्रवीण कुमार, अमित त्यागी, प्रमोद कुमार, संजय कान्त त्यागी, नीतिन त्यागी, श्रीकान्त सिंह, अरूण त्यागी, योगेन्द्र त्यागी, गुरमीत सैनी, विनीत कुमार ने उपस्थित रहकर प्रतिभागिता जताई।

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