सावधान! अब कारपोरेट की तर्ज पर लिखी जाएगी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की वार्षिक आख्या, रिपोर्ट कार्ड बनेगा आधार

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। अब शिक्षकों की वार्षिक आख्या कारपोरेट की तर्ज पर लिखी जाएगी। इस वर्ष छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, खुद प्रधानाध्यापक या अध्यापक की औसत उपस्थिति वाले बिन्दु लागू नहीं होंगे। मानकों में स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प, दीक्षा पोर्टल का उपयोग, लर्निंग आउटकम की अंतिम परीक्षा में अध्यापक द्वारा पढ़ाए गए विषय का ग्रेड, एसएमसी की बैठक, छात्रों द्वारा पुस्तकालय का प्रयोग जैसे मानकों पर शिक्षकों को कसा जाएगा। इसके लिए समग्र शिक्षा अभियान के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने आदेश भी जारी कर दिया है। शिक्षकों को 15 अप्रैल तक अपना डाटा मानव संपदा पोर्टल पर भरना होगा। संबंधित बीईओ के बाद बीएसए भी जांचकर वार्षिक आख्या को अंतिम रूप से सबमिट करेंगे।
विभागीय अफसरों की माने तो समय पर विद्यालय नहीं आने, बच्चों को पढ़ाने में रुचि नहीं लेने और डिजिटल प्लेटफार्म पर नहीं आने वाले प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को आने वाले दिनों में बड़ी दिक्कतें होंगी। शिक्षकों को न केवल नियमित स्कूल आना जाना पड़ेगा, बल्कि बच्चों को पढ़ाना भी पड़ेगा। शिक्षकों के वार्षिक मूल्यांकन के लिए नए पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं। जिन्हें आगामी शैक्षिक सत्र से लागू किया जा सकता है। इन्हीं पैरामीटरों पर आने वाले दिनों में शिक्षकों की तरक्की होगी।
समग्र शिक्षा अभियान के महानिदेशक विजय किरन आनंद द्वारा ज़ारी आदेश के अनुसार आगामी शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों को बच्चों की 60 से 80 प्रतिशत उपस्थिति पर पांच, जबकि अधिक उपस्थिति पर दस नंबर मिलेंगे। डिजिटल शिक्षा सामग्री का नियमित प्रयोग करने पर 10, रिजल्ट कार्ड शत-प्रतिशत वितरण पर 10, एसएमसी की नियमित बैठक में प्रतिभाग करने पर 10, छात्रों द्वारा पुस्तकालय का नियमित प्रयोग करने पर 10, माड्यूल, शिक्षण संग्रह को शिक्षण कार्य में नियमित प्रयोग करने पर 10, आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण व चिंहित सभी बच्चों का नामांकन कराने पर 10 नंबर दिए जाएंगे। शिक्षकों के 60 से 80 प्रतिशत तक उपस्थिति पर 5 अंक जबकि 80 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति पर 10 अंक और प्रशिक्षण में सभी दिन प्रतिभाग करने पर 10 नंबर मिलेंगे।
बता दें कि कोरोना महामारी के कारण इस शैक्षणिक सत्र में परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई नहीं हुई है। ऐसे में गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों की वार्षिक आख्या तैयार की जाएगी। पहली बार शिक्षकों को अपने कार्यों का विवरण खुद आनलाइन भरना होगा। यह पूरा डाटा मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों को 15 अप्रैल तक अपलोड करना है। बीईओ मूल्यांकन को दाखिल करेंगे। उसके बाद बीएसए वार्षिक आख्या को अंतिम रूप से सबमिट करेंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने निर्देश जारी कर कहा है कि इंक्रीमेंट और प्रोन्नति इसी के आधार पर मिलेगा।

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