श्री राम कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने खेड़ी विरान बहादरपुर के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित किया एक दिवसीय शिविर

शि.वा.ब्यूरो, मुज़फ्फरनगर। आज श्री राम कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के एक दिवसीय शिविर का आयोजन ग्राम खेड़ी विरान बहादरपुर के प्राथमिक विद्यालय में किया गया। शिविर में लगभग 100 स्वयं सेवकों ने प्रतिभाग किया। शिविर का शुभारम्भ लक्ष्य गीत के माध्यम से किया गया, तत्पश्चात स्वयंसेवक द्वारा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। शिविर में स्वामी विवेकानंद जी के जीवन परिचय का व्याख्यान सहित समाज हित में उनके द्वारा किए गए कार्यो के विषय में बताया गया। गांव में श्रीराम काॅलेज व स्पोर्टसः ए वे ऑफ लाइफ नामक संस्था के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे खेल प्रशिक्षण में प्रशिक्षित बच्चों को स्वयंसेवकों ने स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं नैतिक शिक्षा को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। बच्चो को बताया गया कि ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है, दूसरों की मदद करें, व्यायाम के साथ हेल्दी फूड का सेवन करें, सत्य बोलने का साहस करें और सीखने की ललक रखें। इसके पश्चात स्वयं सेवकों ने विद्यालय के प्रांगण में साफ सफाई की और वहां प्रशिक्षित छात्रों एवं खिलाड़ियों को साफ सफाई के महत्व को समझाया एवं स्वच्छता का संदेश फैलाया।


आज के मुख्य अतिथि गांव में चल रहे स्पोर्टसः ए वे ऑफ लाइफ नामक संस्था के संरक्षक एवं श्रीराम ग्रुप ऑफ़ काॅलिजेज के चेयरमेन डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ ने बताया कि यहां हम सैकड़ों गरीब बच्चों को निःशुल्क खेल प्रशिक्षण देकर भारत को अच्छे खिलाड़ी देने का प्रयास कर रहे हैं और इस गांव को आदर्श खेल गांव के रूप में बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार स्वयंसेवकों ने यहां के बच्चों में स्वास्थ्य व स्वच्छता और नैतिक शिक्षा का जो संदेश दिया है, यह बच्चों के विकास में अवश्यक रूप से सहायक होगा और उन्हें एक अच्छे खिलाड़ी बनाने में मदद मिलेगी। उपस्थित ललित कला संकाय के प्रवक्ता डॉ. आशीष गर्ग ने बताया की स्वच्छता एवं स्वास्थ्य दोनों एक दूसरे के पूरक होते हैं। उन्होंने कहा कि हमें यह याद रखना होगा की आज जो कोरोना संक्रमण का विस्तार जिस तेजी से हो रहा है, उसका मुख्य कारण हाथों को साफ ना रखना और मास्क का प्रयोग ना करना भी है अर्थात कोरोना वायरस जैसे बहुत से सूक्ष्मजीव साफ सफाई ना रखने के कारण हमारे भोजन एवं गंदे हाथों के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और बीमारी का कारण बन जाते हैं। अतः हमें यह समझना होगा कि आज इस महामारी में शारीरिक दूरी के साथ-साथ स्वच्छता का भी ध्यान रखना होगा।


कार्यक्रम अधिकारी अंकित कुमार ने कहा कि हम जानते हैं कि पूरा विश्व अभी भी वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहा है, इसलिए हमें गांव के सभी बच्चों में नैतिक शिक्षा एवं स्वास्थ संबंधी शिक्षा का प्रसार मास्क का प्रयोग एवं शारीरिक दूरी बनाते हुए करना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए हम आगामी शिविरों में बच्चों के घर घर जाकर उनके माता-पिता से बातचीत करेंगे और उनके बच्चों को ईमानदारी, प्रेम, मूल कर्तव्य, मेहनत में विश्वास, बड़ों का सम्मान, समय का मूल्य तथा स्वास्थ्य के महत्व को समझाएंगे। इस कार्य में हमें विशेषतः ध्यान रखना होगा कि शारीरिक दूरी और मास्क है जरूरी का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाना है।
शिविर में खेल प्रशिक्षक सरिता एवं हितेंद्र तथा स्वयंसेवक तेजस्विनी, दीक्षा त्यागी, तनवी शर्मा, विशाल कुमार, ताबिश, स्नेहा पांडेय, फराज अहमद, अमन त्यागी तथा अजय कुमार इत्यादि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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