बाल कविता

नीरज त्यागी `राज`, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

आज जंगल मे है हंगामा।
आ गए है भालू मामा।
आज ये खूब करेंगे हंगामा।
बिल्ली मौसी भी है आई।
भालू के संग चल रही है उसकी लड़ाई।
कैसे साथ मे अब नाचेंगे ये मिलकर।
क्योंकि आज लोमड़- लोमड़ी की हैं शादी।
आज लोमड़ भी नाचेगा होकर मस्त।
काफी दिनों बाद उसे लोमड़ी मिली है मस्त।
सारा जंगल खुशियो से झूम रहा है।
शेर राजा आने की भी है तैयारी।
लोमड़ से है राजा की बहुत यारी।
छोटे बड़े सारे जानवर है आज मस्त।
हंगामा जंगल मे होने वाला है आज जबरदस्त।
सबको है बारातियों का इंतेजार।
वर्षा ने भी आज मचाया है हंगामा।
फिर भी कोई बाराती ना मानेगा।
झूम झूम कर,नाच नाच कर करेंगे हंगामा।
अम्मा की प्यारी,बाबा की दुलारी लोमड़ी।
सुबह सवेरे सब से जुदा हो जाएगी।
खुशियो से भरे लोमड़ के घर जाएगी।
अपनी खुशियो की ग्रहस्थी बसायेगी।
लोमड़ का वंश आगे बढ़ाएगी।

5/5 लाल क्वार्टर राणा प्रताप स्कूल के सामने ग़ाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश

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