वरिष्ठ नागरिको केे अधिकार से सम्बन्धित विषय पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तोगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त कलेन्डर के अनुसार जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव शर्मा केे निर्देशन में कोविड-19 के सम्बन्ध में उच्च न्यायालय इलाहाबाद व सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में मॅूगा देवी वृद्धाश्रम में वरिष्ठ नागरिको केे अधिकार  से सम्बन्धित विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने बताया कि उम्र बढने के साथ ही कई तरह की समस्याऐ बढ जाती है, जैसे- शारीरिक, मानसिक, आय, रोजगार की समस्या तथा निवास की समस्या आदि। उन्होने कहा कि वरिष्ठ नागरिको को संविधान के तहत सभी मूल अधिकार प्राप्त है, इसके अतिरिक्त संविधान में अनुच्छेद 37, 41, 46, 47 के अंतर्गत राज्य पर कर्तव्य अधिरोपित किया गया है कि वह वरिष्ठ नागरिको के स्वास्थ्य, रोेजगार, आय आदि के सम्बन्ध में उपबन्ध करे। उन्होने कहा कि इस के तहत माता पिता एंव  वरिष्ठ नागरिको का भरण पोषण को कल्याण अधिनियम 2007 पारित किया गया है, जिसके तहत माता- पिता व वरिष्ठ नागरिक अपने बेटा, बेटी, पोता, पोती, से अथवा सम्पत्ति विरासत में प्राप्त करने वाले रिश्तेदार के विरूद्व भरण पोषण की मांग कर सकते है। इन सभी कानूनी प्रावधानो के बावजूद भी परिवार व बच्चो का प्राथमिक व पुनीत कर्तव्य है कि वह अपने माता- पिता, वृद्वजनों की देखभाल व सेवा करें। माता- पिता निस्वार्थ प्रेम से अपने बच्चों की देखभाल करते है, हमे उनके त्याग को नहीं भूलना चाहिए।

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