एनपीटीएल ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के प्रति जागरूकता पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुज़फ्फरनगर। श्रीराम काॅलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के कम्प्यूटर सांइस एंड इंजीनियरिंग संकाय द्वारा एक दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका शीर्षक एनपीटीएल ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के प्रति जागरूकता रहा। इस कार्यशाला का आयोजन भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान मद्रास के नेतृत्व में श्रीराम ग्रुप ऑफ काॅलेजेज में किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि श्रीराम ग्रुप ऑफ़ काॅलेजेज के चैयरमैन डाॅ0 एससी कुलश्रेष्ठ द्वारा दीप प्रज्वलित करके की।
भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान मद्रास को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डा0 एससी कुलश्रेष्ठ ने कहा कि मानव संसाधन मंत्रालय एवं भारत सरकार ने देश के छात्र-छात्राओं ओर युवा प्रोफेशनल्स की ऐजुकेशनल क्वालिफिकेशन और स्किलस सेट्स को उनकी एकेडमिक या पेशेवर जरूरत ओर टेलेंट के मुताबिक लगातार निखारने के लिए विभिन्न ऑनलाइन पार्टल शुरू किये है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से श्रीराम ग्रुप ऑफ़ काॅलेजेज के शिक्षको एवम् छात्रों के तकनीकि ज्ञान मे निश्चित रूप से वृद्धि होगी।


इस अवसर पर श्रीराम काॅलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के निदेशक डा0 आलोक गुप्ता ने बताया नेशनल प्रोग्राम ऑनलाइन टेक्नोलाॅजी एन्हेंस्ड लर्निंग दरअसल इंजीनियरिंग और साइंस के कोर्स कंटेंट्स तैयार करने के लिए भारत के 7 प्रमुख इंडियन इंस्टीट्यूट्स एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस की एक शानदार पहल है जिसकी शुरूआत वर्ष 2003 में हुई थी। एनपीटीएल द्वारा छात्र और प्रोफेशनस के लिये ये ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कार्सेस प्रत्येक वर्ष में 2 बार अर्थात जनवरी से जून और जुलाई से दिसम्बर तक कर सकते है और सबसे अच्छी बात यह है कि आप ये ऑनलाइन कोर्सेज फ्री ऑफ काॅस्ट ज्वाइन कर सकते है और कोर्स पूरा करने के बाद अगर आप चाहे तो ऑपसन सर्टिफिकेशन परीक्षा भी दे सकते है।
इस अवसर पर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो0 पवन कुमार गोयल ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली सामग्री का उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए स्वयं पोर्टल के तहत सात राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किये गये है। एनपीटीएल इंजीनियरिंग के लिये अधिकारिक स्वयं पोर्टल समन्वयक है। वर्तमान में एनपीटीएल अपने तकनीकी रूप से समृद्व पाठ्क्रमों के लिये एक उद्योग के परिपे्रक्ष्य में लाने की दिशा में काम कर रहा है, जिसके कारण एनपीटीएल उद्योग एसोसिएट (एनआईए) की शुरूआत हुई। एनपीटीएल का लक्ष्य संगठनों के साथ पारस्परिक रूप से लाभप्रद तरीके से साझेदारी करना है तथा फ्रेसर्स को प्रशिक्षित किया जा सके और मौजूदा कार्यबल को क्राॅस-स्किल और अप-स्किल प्रदान किया जा सके।


इस अवसर पर श्रीराम काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग की डीन-एकेडिमिक प्रो0 साक्षी श्रीवास्तव ने बताया कि सन् 2018 से एनपीटीएल ने संबंधित पाठ्यक्रमों प्रशिक्षकों के साथ एनओसी परीक्षा के टाॅपर्स को इंटर्नशिप की पेशकश शुरू कर दी गई है। इसके तहत पाठ्यक्रम प्रशिक्षक से उपलब्धता और पुष्टि के आधार पर कोर्स के टाॅपर्स से सम्पर्क किया जाता है यदि वे रूचि रखते है, तो उनको इंटर्नशिप आवेदन के लिये अनुरोध किया जा सकता है और इंटर्नशिप की अवधि 2, 4, 6 या 8 सप्ताह की होती है, जो छात्र इस इंटर्नशिप में प्रत्येक माह छात्रों को स्टाइपेंड भी दिया जाता है। 2 सप्ताह की इंटर्नशिप के लिये 2500 रूपये, 4 सप्ताह की इंटर्नशिप के लिये 5000 रूपये, 6 सप्ताह की इंटर्नशिप के लिये 7500 रूपये और 8 सप्ताह की इंटर्नशिप के लिये 10,000 रूपये का प्रावधान है। इंटर्नशिप के लिये छात्रों को जरूरी दस्तावेजो के साथ वेबसाइट nptel-internship@nptel.iitel.n.in पर आवेदन करना जरूरी है।


इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डा0 आलोक गुप्ता, डीन एकेडेमिक अफेयर प्रो0 साक्षी श्रीवास्तव, एसआरजीसी पाॅलिटैक्निक प्राचार्य डा0 आरके सैनी, डीन मैनेजमेंट डा0 पंकज शर्मा, एमबीए विभागाध्यक्ष डाॅ0 अशफाक अली, डीन कंप्यूटर ऐप्लीकेशन प्रो0 निशांत राठी, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो0 पवन कुमार गोयल, सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो0 अर्जुन सिंह, इंलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो0 रोहिताश सिंह, एप्लाईड साइंस विभागाध्यक्ष डा0 मोहित शर्मा, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष इं0 पवन चौधरी, इलैक्ट्राॅनिक्स एवं कम्न्यूनिकेशन इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष इं0 अश्वनी त्यागी, एवं प्रवक्तागण देवेश मलिक, रवि कुमार, राधिका जिंदल, प्रमोद कुमार, अभिजीत, विनय पाठक, रवि आर्य आदि मौजूद रहे।

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