“मेरा विचार मेरी अभिव्यक्ति” बना बच्चों का पसंदीदा कार्यक्रम

शिक्षा के क्षेत्र मे पूरे भारत के शिक्षकों व बच्चों के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म साबित हो रहा है नवोदय क्रांति परिवार। कोरोना काल मे जहाँ बच्चों को सभी विषयों के अध्यापकों द्वारा ऑनलाइन शिक्षण किया गया वही सोशल मीडिया पर निरंतर बच्चों व अभिभावकों से जुड़े रहे। इसी कड़ी मे शुरुआत हुई मेरा विचार मेरी अभिव्यक्ति कार्यक्रम की।
कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश भारद्वाज ने बताया कि लम्बे समय से बच्चों को अभिव्यक्ति के अवसर नहीं मिल पा रहे थे तो हमने बच्चों को विभिन्न विषयों पर बच्चों से ऑनलाइन विचार रखने की शुरुआत करवाई जिसमें बच्चों ने बेहद रूचि दिखाई। यह कार्यक्रम 23 नवंबर से शुरू किया गया, इसमें एक सप्ताह का एक राउंड लिया जाता है।
सुरेश भारद्वाज ने बताया कि इसमें कक्षा 9 से 12 तक भारत के किसी भी राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी केवल एक ही बार भाग ले सकता है। प्रस्तुति की समय सीमा न्यूनतम 15 मिनट और अधिकतम 20 मिनट रहती है। इसमें विद्यार्थियों को अपना वक्तव्य नवोदय क्रांति फेसबुक पेज पर लाइव सत्र मे  याद करके व खडे रहकर  बोलना होता है।
उन्होंने बताया कि  लाइव सेशन में विद्यार्थी को अपने  विद्यालय की वेशभूषा में आना अनिवार्य है। विद्यार्थी अपनी अभिव्यक्ति देते समय इस बात का ध्यान रखते हैं कि उसके विचार से  किसी समुदाय, संस्था , कर्मचारी के मान – सम्मान को ठेस न पहुंचे। एक राउंड  में 6  विद्यार्थियों को लिया जाता है  जो सोमवार से शनिवार तक अपनी प्रस्तुति देते हैं । रविवार को विशेषज्ञों के साथ लाइव परिचर्चा द्वारा  सबसे बढ़िया प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थी का चयन ‘स्टार स्टूडेंट ऑफ़ दा वीक’ के रूप मे किया जाता है। सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र भी दिया जाता है । सुरेश भारद्वाज ने नवोदय क्रांति के संस्थापक गुरूजी संदीप ढिल्लों व सभी मोटीवेटर साथियों का सहयोग व मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया ।
नवोदय क्रांति परिवार के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पुरोहित ने बताया कि इस कार्यक्रम में स्वदेशप्रेम, विभिन्नता में एकता भारतीय संस्कृति हमारी विरासत, समाज में गिरते नैतिक मूल्य कारण और निवारण, सूचना तकनीकी  का  दुरूपयोग और सदुपयोग, सरकारी शिक्षा प्रणाली का महत्व, विज्ञान वरदान या अभिशाप, परिश्रम सफलता की कुंजी है, विद्यार्थी और अनुशासन, गुरु -महिमा, प्राचीन शिक्षा पद्धति बनाम आधुनिक शिक्षा पद्धति, ग्लोबल वार्मिंग एक नई चुनौती, निज भाषा उन्नति अहे ,सब उन्नति को मूल ( हिन्दी ), महिला सशक्तिकरण, वर्तमान परिपेक्ष्य में हमारे मौलिक अधिकार और कर्तव्यों की महत्ता, ऑनलाइन शिक्षण आज की जरुरत और जागरूकता, पाश्चात्य संस्कृति का अंधाधुंध अनुकरण कारण ,दुष्परिणाम और निवारण, वर्तमान समय में बढ़ते भ्रष्टाचार के  दायरे एवं युवाओं की भूमिका, सड़क सुरक्षा का ज्ञान बचाता है अनमोल जान, सामाजिक सौहार्द उन्नति का आधार व बढ़ते साइबर क्राइम विश्व के समक्ष चुनौती और निवारण आदि विषयों पर विचार अभिव्यक्त किये जा सकते हैं।
नवोदय क्रांति परिवार के संस्थापक संदीप ढिल्लों ने बताया की यह कार्यक्रम कोरोना के बाद बच्चों के लिए अभिव्यक्ति का एक बड़ा विकल्प बनाकर उभरा है। सुरेश भारद्वाज इसको लेकर बच्चों के साथ काफ़ी मेहनत कर रहे हैं। इसकी सफलता के लिए बच्चों को लाइव का ट्रायल करवाना, तरीके सिखाना, समय देकर मार्गदर्शन करना आदि  बेहद अहम रहता है। उन्होंने बताया कि बच्चों में बोलने की और विचारों को अभिव्यक्त करने की कला विकसित करना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध करवाना विभिन सामाजिक समस्याओं के बारे में अवगत करने साथ साथ उनके निवारण हेतु बालकों का दृष्टिकोण  विकसित करना, विद्यार्थियों में स्वंतत्र चिंतन का विकास करके समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाना, विद्यार्थियों में सरकारी शिक्षा प्रणाली के प्रति सही नजरिया विकसित करना और विधार्थियों में सामाजिक गुणों, अनुशासन, परिश्रम , गुरु-सम्मान आदि नैतिक गुणों का विकास करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। इसमें  विशेषज्ञ टीम के सदस्यों हरियाणा से सुनीता सैनी व डॉ सतीश साहू, राजस्थान से महेंद्र सिंह, गुजरात से ठक्कर सुरेश कुमार ओर  हिमाचल से परमजीत  सिंह का भी अहम रोल रहा है जिन्होंने प्रत्येक बच्चे को ध्यान से देखा व सुना ओर फिर सामूहिक लाइव चर्चा करके ‘स्टार स्टूडेंट ऑफ़ द  वीक’ का चयन किया।

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