अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा का 127वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, रायबरेली। अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा रायबरेली द्वारा जिलाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी(प्रधान) की अध्यक्षता में आज अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा का 127वां स्थापना दिवस समारोह सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के तमाम शुभचिंतकों द्वारा अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के संस्थापक बाबू रामाधीन सिंह के व्यक्तित्व व  कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कि जिस 2 फरवरी 1894 को जारी एक शासनादेश जिसके जरिये कूर्मि समाज के लोगों को पुलिस की नौकरियों में प्रतिबंधित किया गया था,इस भेदभाव परक शासनादेश को चुनौती देने के लिए 29 दिसम्बर 1894 को बाबू रामाधीन सिंह जी के नेतृत्व में अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा की स्थापना कर 29/30 दिसम्बर 1894 को लखनऊ में 2 दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से इस काले शासनादेश के विरुद्ध आवाज उठाई गई,तब 2 साल के लम्बे संघर्ष के पश्चात  ब्रिटिश साम्राज्य को इस काले कानून को वापस लेना पड़ा।
जिलाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि जिस पुलिस की भर्ती में हमारे समाज के युवाओं को रोकने के प्रयास हुये थे, उसी समाज के बेटे महेंद्र सिंह गंगवार ने उत्तर प्रदेश के प्रथम पुलिस महानिदेशक के पद को शुशोभित किया। अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य मानसिंह पटेल ने बताया कि पूरे देश से अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से मनाए जाने के समाचार प्राप्त हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश, विहार, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना तथा उत्तराखंड में समाज के लोगों ने स्थापना दिवस को गोष्टी, सम्मेलन, समारोह के रूप में आयोजित किए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से 36 मध्यप्रदेश से 17 एक दर्जन से ऊपर बिहार के जनपदों में स्थापना दिवस मनाए जाने की सूचना प्राप्त हुई है।

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