जिले में टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान शुरू, जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की टीबी जांच

शि.वा.ब्यूरो, मुज़फ्फरनगर। जिला क्षय रोग विभाग ने ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ अभियान के तहत पहले दिन शनिवार को जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की जांच की। इसमें सभी बंदियों के बलगम के सैंपल लिए गए। टीबी के साथ सभी बंदियों की कोरोना की भी जांच की गई। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चंद्र गुप्ता ने बताया शनिवार को विभाग की तरफ से जिला कारागार में 14 टीम लगाई गईं, जिसने सभी बंदियों की बलगम की जांच की। इसके अलावा कोरोना संक्रमण की भी जांच की गई। इस दौरान टीम ने जांच के लिए 121 बंदियों के बलगम के सैंपल लिए। 76 बंदियों की आर.टी.पी.सी.आर एवं 71 बंदियों के एंटिजन टेस्ट किए गए। इस दौरान 71 बंदियों के एंटिजन टेस्ट परिणाम निगेटिव प्राप्त हुए। कुल 147 लोगों की जांच की गई। कारागार चिकित्सालय पर तैनात फर्मासिस्ट का कोरोना टेस्ट किया गया तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है।
बता दें कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ‘टीबी हारेगा-देश जीतेगा’ एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान 25 जनवरी तक चलाया जाएगा, जिसमें वृद्ध आश्रम, अनाथ आश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, नवोदय विद्यालय और मदरसों में टीबी की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा कोविड की जांच भी की जाएगी। एक महीने तक चलने वाले तीन चरणों के अभियान में छिपे हुए टीबी के मरीज खोजे जाएंगे। साथ ही एचआईवी एवं डायबिटीज से ग्रसित व्यक्तियों की टीबी की जांच की जाएगी। निजी चिकित्सकों, निजी लैब एवं मेडिकल स्टोर में भी अभियान चलाया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि अभियान में सहयोग करें तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम जब उनके घर आएं तो उन्हें पूर्ण जानकारी दें। बीमारी के लक्षणों को छुपायें नहीं व बीमारी का पता लगने पर उसका उपचार करायें। इस अवसर पर वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. लोकेश चंद्र गुप्ता, जेलर कमलेश सिंह, फर जेलर सुरेंद्र मोहन सिंह, कैलाश नारायण शुक्ला, एवं मेघा राजपूत उपस्थित रहें।

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