राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत डाकघरों में हुआ बैंकिंग दिवस का आयोजन, डाकघर बचत योजनाएं आज भी सर्वाधिक लोकप्रिय

शि.वा.ब्यूरो, वाराणसी। भारतीय डाक विभाग द्वारा श्राष्ट्रीय डाक सप्ताहश् के तहत 10 अक्टूबर को बैंकिंग दिवस के रूप में मनाया गया। कैंट प्रधान डाकघर में आयोजित कार्यक्रम में परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने इसका शुभारम्भ किया और बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाकर उन्हें पासबुक, चॉकलेट व मास्क देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि आज भी डाकघरों की बचत योजनाएं सर्वाधिक लोकप्रिय हैं और इनमें लोग पीढ़ी दर पीढ़ी पैसे जमा करते हैं। लोगों द्वारा बचत रूप में किया गया छोटा से छोटा निवेश भी समाज के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। श्री यादव डाकघरों को नई टेक्नालॉजी से जोड़कर उन्हें और भी कस्टमर-फ्रेंडली बनाया जा रहा है। पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि वर्ष 1882 में आरम्भ हुई डाकघर बचत सेवाएं विस्तृत नेटवर्क, विश्वसनीयता और नई तकनीक की बदौलत आज नए मुकाम पर खड़ी हैं। उन्होंने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र के डाकघरों में लगभग 36 लाख खाते संचालित हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत 1 लाख 70 हजार से अधिक बेटियों के सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा चुके हैं और 25 गाँवों को सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम बनाया जा चुका है।


श्री यादव ने कहा कि, कोर बैंकिंग और एटीएम के बाद डाकघरों में पेमेंट बैंकिंग लागू होने से कोरोना काल में जरूरतमंदों तक पहुँचकर डाकघर की बैंकिंग सेवाओं ने नए आयाम रचे हैं। वाराणसी परिक्षेत्र में अब तक लगभग 3.12 लाख इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते खुल चुके हैं, जिनमें 1.21 लाख अकेले कोरोना काल में खुले हैं। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के द्वारा किसी भी बैंक के आधार लिंक्ड खाते से डाकियों द्वारा लोगों को उनके दरवाजे पर घर बैठे भुगतान किया जा रहा है। अकेले कोरोना काल में वाराणसी परिक्षेत्र में विभिन्न बैंकों के 5.75 लाख खाताधारकों को 1 अरब 59 करोड़ रुपये का भुगतान डाकियों व ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा आरम्भ जनसुरक्षा योजना-अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में भी डाकघरों के माध्यम से निवेश किया जा सकता है।
वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक सुमीत कुमार गाट ने बताया कि डाकघरों में सामान्य बचत खाते के साथ-साथ आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पीपीएफ, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, राष्ट्रीय बचत पत्र, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करके अपना भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। सहायक निदेशक प्रवीण प्रसून ने कहा कि डाकघर में निवेश अभी भी सबसे सुरक्षित है। उन्होंने डाकघर खाताधारकों से अपने खातों को मोबाईल से लिंक कराने के लिए कहा।
इस अवसर पर सहायक निदेशक शंभु राय, लेखा अधिकारी एमपी वर्मा, एके मौर्या, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, पंकज श्रीवास्तव, डाक निरीक्षक ब्रजेश कुमार शर्मा, शशिकांत कन्नौजिया, आईपीपीबी मैनेजर सुबलेश कुमार सिंह, पोस्टमास्टर कैंट प्रधान डाकघर रामशंकर वर्मा, श्रीप्रकाश गुप्ता, राकेश कुमार, राजेन्द्र यादव, राहुल वर्मा सहित डाक विभाग के तमाम अधिकारी-कर्मचारी, बचत अभिकर्ता व खाताधारक मौजूद रहे।

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