भूपेन्द्र सिंह बाफर की सम्पत्ति कुर्क

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी ने बताया कि अभियुक्त भूपेन्द्र बाफर द्वारा अवैध धन अर्जित कर डिफेन्स कालोनी मवाना रोड मेरठ स्थित मकान नं0 सी-60 वर्ष 2004 में खरीदे गये उक्त मकान का बाजारी मूल्य ज्ञात किया गया तो उपनिबधंक प्रथम कार्यालय मेरठ से प्राप्त आख्यानुसर इस मकान का बाजारी मूल्य वर्तमान मे 1,18,74,000-00 (एक करोड अट्ठारह लाख चैहत्तर हजार रूपये मात्र) है। अभियुक्त भूपेन्द्र की अन्य चल व अचल सम्पत्ति की मौके पर जाॅच की गयी तो उक्त मकान के अतिरिक्त अन्य कोई सम्पत्ति नही पायी गयी। जाॅच में पाया गया कि अभियुक्त भूपेन्द्र बाफर वर्ष 1985 से निरन्तर डकैती, अपहरण, हत्या, धोखाधडी जैसे गम्भीर अपराधों में लिप्त रहा है तथा अभियुक्त के पास आय का अन्य कोई वैध स्रोत नही रहा है, वरन् यह अपने जीवकोपार्जन के लिये संगठित गिरोह बनाकर अवैध अस्लाहों से सुसज्जित होकर सुसंगठित गिरोह तैयार कर धन एकत्रित करता है तथा उसी धन से अभियुक्त द्वारा उक्त सम्पत्ति अर्जित की गयी है।

जिलाधिकारी ने बताया कि अभियुक्त भूपेन्द्र उपरोक्त द्वारा वर्ष 1985 से निरन्तर डकैती, हत्या, अपहरण, धोखा धडी जैसे गम्भीर अपराधों में लिप्त रहकर अवैध रूप से धन अर्जित करता रहा है तथा अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति के संबंध में थानाध्यक्ष द्वारा गोपनीय जानकारी से पता लगाया तथा राजस्व विभाग से प्राप्त की गयी। आख्या के अनुसार जनपद मेरठ में एक मकान 200 वर्ग गज का डिफैन्स कालोनी मवाना रोड पर मं0नं0 60 अभियुक्त भूपेन्द्र द्वारा स्वयं व स्वयं की पत्नी श्रीमती वालेश सिंह के नाम से 18 लाख रूपये में विके्रता निरंकार सिंह कोहली पुत्र स्व0 प्रताप सिंह कोहली निवासी मं0नं0-ए-169 डिफेन्स कालोनी मेरठ से दिनांक 31.07.2003 को क्रय किया गया है। वर्तमान में उक्त मकान में उक्त अभियुक्त भूपेन्द्र की पत्नी बालेश, सास श्रीमती ओमवती, ससुर नवाब सिंह व तीन बच्चे (दो लडकी व एक लडका) निवासित है। अभियुक्त भूपेन्द्र द्वारा लगातार आपराधिक क्रियाकलापों में लिप्त रहते हुये अवैध धन अर्जित कर खरीदे गये मेरठ स्थित उक्त मकान को दिनांक 01.09.2007 में अपनी सास श्रीमती ओमवती पत्नी नवाब सिंह निवासी ग्राम खगावली तहसील व जिला बुलन्दशहर को बैनामा कर दिया गया। थानाध्यक्ष द्वारा उक्त मकान के संबंध में गहनता से जाॅच हेतु अभियुक्त भूपेन्द्र उपरोक्त की सास श्रीमती ओमबती के बयान अंकित किये, जिसमें उक्त मकान के संबंध में पूछताछ में श्रीमती ओमवती से यह प्रश्न किया गया कि वर्ष 2007 में आपने 20 लाख रूपये नकद देकर अपने दामाद भूपेन्द्र बाफर व उसकी पत्नी बालेश से अपने नाम मकान का बैनामा कराया था यह 20 लाख रूपये की रकम आपने कहा से अर्जित की? तो इस प्रश्न के उत्तर में श्रीमती ओमबती ने बताया कि ‘‘मुझे इस बारे में कोई जानकारी नही है मुझे बस इतना पता है कि मेरा दामाद भूपेन्द्र मुझे 2007 में अपने साथ मेरठ कचहरी ले गया था और कई कागजों पर अगूॅठा लगवाया था और कहा था कि अपना मकान में तुम्हारे नाम कर रहा हूॅ, मेरठ में डिफेन्स कालोनी स्थित मं0नं0 ए169 को मेरे नाम करने में भूपेन्द्र ने कितना पैसा खर्च किया। इस लेनेदन की मुझे कोई जानकारी नही है। भूपेन्द्र ने इस मकान को मेरे नाम क्यों किया, मुझे नही पता, अपितु इस मकान में वर्तमान में मैं और भूपेन्द्र की पत्नी निवास कर रहे है। दिनांक 01.09.2007 के उक्त मकान के बैनामें में बीस लाख रूपये नकद देने का उल्लेख है इससे स्पष्ट है कि अभियुक्त भूपेन्द्र ने अपनी अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति को छिपाने के उददेश्य से 20 लाख रूपये का बे-नामी लेनदेन किया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि अभियुक्त भूपेन्द्र सिंह पुत्र स्व0 राजेन्द्र सिंह निवासी ग्राम बाफर थाना जानी जिला मेरठ पर थाना जानसठ जिला मुजफ्फरनगर पर मु0अ0सं0-347/2019 धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 दिनांक 24.10.2019 को थाना जानसठ पर पंजीकृत हुआ। गैंगस्टर एक्ट में नामजद उक्त अभियुक्त द्वारा अपराध कारित कर समाज विरोधी क्रियाकलापों से अर्जित अवैध धन से अपनी सास श्रीमती ओमवती पत्नी नवाब सिंह निवासी ग्राम खगावली तहसील व जिला बुलन्दशहर के नाम डिफेन्स कालोनी मवाना रोड मेरठ में स्थित मकान नं0 सी/60 क्रय किया गया है, को कुर्क किये जाने के सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर की संस्तुति दिनांक 11.12.2020 के साथ संलग्न थानाध्यक्ष थाना रामराज की विस्तृत आख्या दिनांक 30-11-2020 इस न्यायालय को प्रेषित की गई है।
थानाध्यक्ष रामराज की आख्या के अवलोकन से स्पष्ट है कि अभियुक्त भूपेन्द्र सिंह पुत्र स्व0 राजेन्द्र सिंह निवासी ग्राम बाफर थाना जानी जिला मेरठ एक शातिर किस्म का अपराधी है। थाना जानी का हिस्ट्रीशीटर के रूप में हिस्ट्रीशीट सख्ंया 154ए पर सूचीबद्व है, जिसके द्वारा हत्या, डकैती, जानलेवा हमला, लूटपाट, अपहरण आदि अपराध कारित कर अवैध रूप से धन अर्जित करने के निम्नलिखित संज्ञानित अभियोग पंजीकृत है।

संज्ञानित पंजीकृत अभियोग

1 17/1985 धारा 395 भादंवि हैदराबाद आन्ध्रप्रदेश न्यायालय में विचाराधीन
2 45/1985 395 भादंवि मादियाबाद आन्ध्रपदेश न्यायालय में विचाराधीन
3 333/1987 307 भादंवि सिविल लाईन मु0नगर न्यायालय में विचाराधीन
4 334/1987 25 आम्र्स एक्ट सिविल लाईन मु0नगर न्यायालय में विचाराधीन
5 141/2019 307/302 भादंवि नईमण्डी मु0नगर न्यायालय में विचाराधीन
6 172/1992 302 भादंवि सहसपुर देहरादून न्यायालय में विचाराधीन
7 138/1996 25 आम्र्स एक्ट जानी मेरठ न्यायालय में विचाराधीन
8 58/1994 364ए/323 भादंवि कोतवाली देहरादून न्यायालय में विचाराधीन
9 247/1994 364ए/368 भादंवि मंसूरी गाजियाबाद एडीज-13 दिनांक 14.03.1997 को बरी
10 438/1985 395/397/342 भादंवि कुण्डा रामपुर मध्यप्रदेश न्यायालय में विचाराधीन
11 85/05 302/506 भादंवि इन्चैली जनपद मेरठ एडीजे-8 मेरठ दिनांक 07.05.2005 को दोषमुक्त
12 418/2007 323/353/307/120बी भादंवि व 7सीएलए अधिनियम लिसाडीगेट मेरठ न्यायालय में विचाराधीन
13 286/2015 3/4 गुण्डा अधिनियम थाना जानी मेरठ न्यायालय में विचाराधीन
14 31/2008 302/201/120बी भादंवि जानसठ मु0नगर एडीजे-1 दिनांक 18.10.2013 को दोषमुक्त
15 435/2007 3/4 गुण्डा अधिनियम जानी मेरठ न्यायालय में विचाराधीन
16 150/2012 25 आम्र्स एक्ट लालकुर्ती मेरठ न्यायालय में विचाराधीन
17 151/2012 420/467/468/471 भादंवि लालकुर्ती मेरठ न्यायालय में विचाराधीन
18 391/2012 302/307 भादंवि लालकुर्ती मेरठ दोषमुक्त दिनांक 24.03.2014 मा0 न्यायालय एस/एसटी कोर्ट मेरठ
19 466/2012 3(2) एनएसए अधिनियम लालकुर्ती मेरठ न्यायालय में विचाराधीन
20 193/2012 302/307/120बी भादंवि सदर बाजार मेरठ न्यायालय में विचाराधीन
21 754/2007 307/302 भादंवि कोतवाली शहर बिजनौर न्यायालय में विचाराधीन
22 203/2019 307/120बी/224/225/302 भादंवि जानसठ मु0नगर न्यायालय में विचाराधीन
23 347/2019 2/3 गैगस्टर एक्ट जानसठ मु0नगर विवेचना प्रचलित
जिलाधिकारी ने बताया कि अभियुक्त भूपेन्द्र संगठित गिरोह के रूप में अपने आर्थिक एवं भौतिक लाभ प्राप्त करने के उददेश्य से संगठित गिरोह बनाकर समाज विरोधी क्रियाकलापों में लिप्त है। उ0प्र0 गिरोहबन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के अन्तर्गत अभियुक्त भूपेन्द्र के द्वारा अर्जित की गयी उक्त सम्पत्ति को कुर्क किये जाने की मांग की गई। प्रकरण पंजीकृत किया गया तथा उपर्युक्त आख्या एवं आख्या के साथ संलग्न अभिलेखीय साक्ष्य का गहनता से अध्ययन एवं अनुशीलन किया गया। अभिलेखों के अनुशीलन से अधोहस्ताक्षरी का समाधान हो गया है कि अभियुक्त भूपेन्द्र सिंह पुत्र स्व0 राजेन्द्र सिंह उपरोक्त एक शातिर किस्म का अपराधी है। अभियुक्त भूपेन्द्र सिंह द्वारा वर्ष 1985 से निरन्तर डकैती, हत्या, अपहरण, धोखाधडी जैसे गम्भीर अपराधों में लिप्त रहकर अवैध तरीके से समाज विरोधी क्रियाकलाप कर अवैध रूप से धन अर्जित किया है। उक्त कारित अपराधों को अन्जाम देकर अपराध से अर्जित अवैध धनराशि से जनपद मेरठ में एक मकान 200 वर्ग गज का डिफेन्स कालोनी मवाना रोड पर मं0नं0 60 अभियुक्त भूपेन्द्र द्वारा स्वयं अपने एवं अपनी पत्नी श्रीमती वालेश सिंह के नाम से 18 लाख रूपये में विके्रता निरंकार सिंह कोहली पुत्र स्व0 प्रताप सिंह कोहली निवासी मं0नं0 ए169 डिफेन्स कालोनी मेरठ से दिनांक 31.07.2003 को क्रय किया गया जो बाद में दिनांक 01.09.2007 को अपनी सास श्रीमती ओमबती पत्नी नवाब सिंह निवासी ग्राम खगावली तहसील व जिला बुलन्दशहर के पक्ष में बैनामा कर दिया गया। इनके द्वारा निरन्तर डकैती, हत्या, अपहरण, धोखाधडी जैसे अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहकर गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की परिधि में आने वाले अपराध कारित करके अनुचित रूप से धन अर्जित किया तथा इनके द्वारा इस प्रकार अर्जित किये गये धन से उपरोक्त चल/अचल सम्पत्ति सुनियोजित ढंग से अर्जित की गई है। जिला मजिस्ट्रेट सेल्वा कुमारी जे0 अभियुक्त भूपेन्द्र सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी ग्राम बाफर थाना जानी जिला मेरठ द्वारा अपनी सास श्रीमती ओमबती पत्नी नवाब सिंह निवासी ग्राम खगावली तहसील व जिला बुलन्दशहर के नाम क्रय की गई निम्नलिखित अचल सम्पत्ति को दं0प्र0सं0 1973 के उपबन्धों के अनुसार कुर्क करने का आदेश पारित किया है।

कुर्क की गई अचल सम्पत्ति का विवरण

1-सम्पत्ति स्थित आवासीय मेरठ, डिफेन्स कालोनी भवन सख्ंया-सी-60 आवासीय वर्गमीटर 176.97 वर्गमीटर (श्रीमती ओमवती पत्नी नवाब सिंह निवासी ग्राम खंगावली तहसील व जिला बुलन्दशहर के नाम)
इस कुर्की आदेश के विरूद्ध यदि अभियुक्त/दावेदार को कोई आपत्ति/प्रत्यावेदन प्रस्तुत करना हो तो, आदेश की जानकारी से 03 माह के अन्दर अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में प्रस्तुत करें, अन्यथा यह मान लिया जायेगा कि इस सम्बन्ध में उसे कोई कथन नहीं करना है तथा उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा-15 के अन्तर्गत अन्तिम आदेश पारित करते हुए धारा-16 के अन्तर्गत प्रकरण सक्षम न्यायालय को सन्दर्भित कर दिया जायेगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर आख्यानुसार उक्त कुर्क की गई सम्पत्ति के अलावा अभियुक्त व उसकी पत्नी के नाम कोई और चल/अचल सम्पत्ति नही है और उक्त कुर्क की गई अचल सम्पत्ति/मकान में अभियुक्त का परिवार यथा माता-पिता, पत्नी एवं बच्चे तथा सास वर्तमान में निवास करने संज्ञानित कराये गये है, ऐसी स्थिति में उक्त सम्पत्ति को कुर्क करते समय अभियुक्त के परिवार को उक्त मकान में निवास करने की छूट सम्पत्ति के दावेदार द्वारा नब्बे दिन की समयावधि में प्रस्तुत किये जाने वाले प्रत्यावेदन के निस्तारण तक प्रदान की जानी न्यायोचित है।
उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एंव समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा-14(3) के अन्र्तगत शक्तियों का प्रयोग करते हुए तहसीलदार मेरठ जनपद मेरठ को उपरोक्त कुर्क की गई अचल सम्पत्ति का प्रशासक नियुक्त किया जाता है। प्रशासक को उपरोक्त सम्पत्ति के सर्वोत्तम हित में उसका प्रबन्ध करने की सभी शक्तियां प्राप्त होगी।

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