तीन पंथों का अद्भुत संगम है च्वासीगढ़

टीसी ठाकुर, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

भारतवर्ष को प्राचीन काल से ही ॠषि मुनियों की तपोभूमि कहा गया है। भारत का मस्तक हिमाचल प्रदेश को देव भूमि से जाना जाता है। इसी तरह मण्डी जिला के उपमण्ङल करसोग के च्वासी क्षेत्र में च्वासीगढ़ है। यहाँ च्वासी सिद्ध बाबा का विशाल भव्य मंदिर स्थापित है। यह गढ़ च्वासी क्षेत्र की आठ पंचायतों को मिलकर बना है। कुठेहड, पोखी, महोग, नाहवीधार ( बाग ),ग्वालपूर, तुमन, सराहन व तेबन। च्वासीगढ़ की समुद्र तल से ऊंचाई  लगभग 9000 फुट के करीब है। च्वासीगढ़ के नामकरण के बारे में प्रदेश के स्थान नाम व्युत्पत्तिजन्य विवेचनात्मक अध्ययन पुस्तक में लिखा है कि मण्डी जिला की करसोग तहसील के च्वासीगढ़ के विषय में कहा है कि किसी समय गुरु गोरखनाथ जी चौरासी सिद्धों के साथ इस स्थान पर आये थे, इसलिए यह स्थान चौरासी कहलाया।
संस्कृति शोधकर्ता व बुद्धिजीवियों तथा जनश्रुतियों के अनुसार इस स्थान पर बौद्ध धर्म के तंत्रानुयायियो ( धर्माचार्यों ) ने भी इस स्थान पर तप किया था। जिसके प्रमाण यहाँ आज भी देखे जा सकते है। इस स्थान पर प्राचीन समय से ही ॠषि मुनियों, गुरु गोरखनाथ जी तथा बौद्ध धर्माचार्यों के तप करने का भी प्रमाण मिलता है। यह स्थान प्राचीन समय से ही आध्यात्मिक, शांति, ज्ञान व शक्ति- साधना के लिए प्रसिद्ध रहा है । अपने धार्मिक महत्व की वजह से यह स्थान सुकेत ही नहीं, अपितु कुल्लू व शिमला का भी प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रहा है। जे. हचिसन और जे. बोगल ने हिस्ट्री ऑफ पंजाब हिल स्टेट भाग एक में सुकेत राज्य में उग्रसेन के शासन काल में धूगंल वजीर की कठोरता के कारण इसी गढ़ में बने किले में बारह दिनों तक वजीर को बंदी बनाने का वर्णन किया है ।
पहाड़ की चोटी पर बने मंदिर प्रांगण से दूर दूर तक का नैसर्गिक प्राकृतिक दृश्य व यहाँ का सुरम्य वातावरण तथा खुशनुमा मौसम ऐसा अनुभव करवाता है जिसकी व्याख्या शब्दों में नहीं की जा सकती है ।च्वासी सिद्ध मंदिर का निर्माण सुकेत के संस्थापक राजा वीर सेन ने किया था । कालांत में यह भवन अग्नि की भेंट चढ़ गया बीसवीं सदी के आंरम्भ में सुकेत शासक ने इस किले का जीर्णोद्धार करवाया।  लेकिन यह किला सुकेत शासक के प्रति भङके भयंकर असंतोष की आंधी के चलते तहस – नहस हो गया। बौद्ध धर्म और गुरु गोरखनाथ जी से जुड़ी घटनाओं व सुकेत के गौरवशाली अतीत का गवाह च्वासी सिद्ध अपने प्राकृतिक सौंदर्य के कारण सैलानियों के आकर्षण का भी केन्द्र रहा है ।
कारदार च्वासीगढ़ करसोग मण्डी हिमाचल प्रदेश

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