संख्या गायन

डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

गणितों में गणना करो,संख्या रूप गुणांक।
भाज्य अभाज्य अरु प्राकृत,सम विषम पूर्णांक।1
एक स्वयं को छोड़के,नही विभाजित होय।
अभाज्य संख्या हि कहो,जानत हैं सब कोय।।2
सम तो दो से कटत हैं,विषम कटेगी नाहि।
दो चारा सम जानिये, एक तीन विषमाहि।।3
दो चारा छे आठ अरु,शून्य इकाई आन।
सम संख्या ही जानिये, कहत हैं कवि मसान।।4
तीन पांच इक सात ले,अरु नौ को भी जान।।
विषमा को पहिजानिये,कहत हैं कवि मसान।।5
सम पचास विषम पचास,अरु पच्चीस अभाज।
सौ तक संख्या जानिये,बनो गणित सरताज।।6
अंकन योग तीन गुणज,सम विषमा का योग।
तीन छे नौ शून्य अरु,क्रम संख्या संयोग।।7
अंक तीन से भाजिये,करके दुगुना मान।
तीन अंक का खेल है,कहत हैं कवि मसान।।8
दो अंकन समता लखो,योग सात ही जान।
अंक सात से काटिये,कहत हैं कवि मसान।।9
संख्या कोई लीजिये,दुगुनी बाये हाथ।
दो तिया दो तीन करें,सदा विभाजित सात।।10
छै अंकों के सम लखो,दो जीरो दो आय।
एक सहसा एक गुणज,भाग सात से जाय।।11
23 गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश

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