महाकाल आदेश

राजीव डोगरा ‘विमल’, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

महाकाल ने कहा,
काल से परे चले जाओ न
मृत्यु अघोष करती है
तो करने दो न।
जिसका भी वर्ण करती है
तो करने दो न,
तुम्हें क्या लेना किसी से
तुम्हें क्या देना है किसी को।
अपने इष्ट की वंदना
यही तो कर्म है
इस नश्वर जीवन का,
जो नहीं करता है
उसे रहने दो न ।
जो मरता है जिस हाल में
उसको मरने दो न,
मर्यादा से हटकर
किसी को भी मर्यादा में
नहीं बांधा जाता।
मर्यादा हीन होने दो न
काल से दंडित होता है
तो तुम होने दो न।

भाषा अध्यापक व युवा कवि, लेखक कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

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