गणित सूत्र गाइये

डॉ. दशरथ मसानिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

लंबाई चौड़ाई गुणा, क्षेत्रफल का मान।
चाल समय का गुणा करें, दूरी का हो ज्ञान।
लंबाइ चौड़ाई अरु, ऊंचाई गुण आन।
आयतना को पाइए, कहत हैं कवि मसान।।
त्रिज्या पाई दो गुनी, वृत्त की परिधि जान।
त्रिज्या दुगुनी व्यास है, कहत हैं कवि मसान।।
आंकड़ों का योग करें, कुल संख्या का भाग।
फिर औसत को पाइये, मिले गणित का राग।।
दर समय अरू मूल का, गुणा करें सम्मान।
सौ से भाग दीजिये, सरल ब्याज को आन।।
भाजक भागफल से गुणा,शेषहि का कर योग।
भाज्य संख्या पाइये, फिर मिलता संजोग।।
टू पाई आरएच से, बेलन क्षेत्र आन।
पाई आर वर्ग एच, आयतन को मान।।
अधार ऊंचई अर्द्ध में, तिरभुज क्षेत्र माप।
तीन भुजा को जोड़िए, आ जाए परिमाप।।
भुजा भुजा का गुणा कर, वर्ग क्षेत्रफल माप।
चार भुजा को जोड़िये, यही वर्ग परिमाप।।
कर्ण जानिये आप भी, लम्ब अधार जोड़।
वर्ग सभी का कीजिये, तभी मिलेगा तोड़।।
गायन वाचिक परम्परा, भारत की पहिचान।
गणित ज्ञान को गाइये, कहत हैं कवि मसान।
23 गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश

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