नन्दकुमार बघेल अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के एकीकरण करने के लिए अधिकृत

कूर्मि कौशल किशोर आर्य, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

समाजसेवी नन्दकुमार बघेल जी छतीसगढ़ समेत पूरे देश में कूर्मि समाज समेत अन्य पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज को बौद्धिक, वैचारिक, मानसिक रूप से जागरूक, संगठित और मजबूत करने समेत सत्ता पर अधिकार करने के लिए वर्षों से सराहनीय और प्रेरणादायक क्रांतिकारी अभूतपूर्व कार्य कर रहे है, जिसकी जानकारी पूरे देश के लोगों को मिलती रहती है। करीब 86 वर्ष की आयु होने के बावजूद उनके उत्साह व ऊर्जा में किसी तरह की कमी नहीं आई है। हर दिन वे घर से बाहर किसी न किसी समारोह, प्रशिक्षण शिविर, जागृति मिशन या समीक्षा बैठक में शामिल होकर लोगों को जगाने और जिम्मेदार बनाने की पूरी कोशिश करते हैं। उनके 85% बहुसंख्यक बहुजन समाज को मिलकर सामन्जस्य बनाकर संगठित होकर सत्ता पर अधिकार करने की सकारात्मक नीति अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है, यह भी देश के मित्र देख-समझ रहे हैं| कूर्मि समेत 85% समाज में उनका नाम बहुत आदर और सम्मान के साथ लिया जाता है, क्योंकि वे ब्राह्मणवाद, सामन्तवाद, पुंजीवाद और पाखंड आडम्बर वाद के बहुत बड़े विरोधी हैं और देश से इसका समूल नाश चाहते हैं। उनके इन्ही सब त्याग, निष्पक्षता, समाज के प्रति समर्पण और बहुजन समाज में व्याप्त लोकप्रियता को देखकर नन्दकुमार बघेल को अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष 20 एवं 23 सिंतबर 2020 के ऑनलाईन मीटिंग में सर्वसम्मति से मनोनीत किया था, जिसमें 22 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
ज्ञात हो कि करीब 22 राज्यों के प्रतिनिधियों और राष्ट्रीय पदाधिकारियों के जूलाई 2020 में किये निवेदन के बाद सर्वेश जी ने एक सप्ताह में गतिरोध दूर करके सभी विवाद के समाधान खोजने के लिए बैठक आयोजित करने की बात रखी थी, पर करीब ढा़ई महीने बीत जाने के बावजूद बैठक नहीं बुलाई तो राष्ट्रीय पदाधिकारी गण और प्रदेश स्तर के प्रतिनिधियों ने 20 एवं 23 सितंबर 2020 को ऑनलाईन बैठक आयोजित करके सर्वेश जी को महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त करते हुए महासभा के सभी कमेटियों को भंग करके कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष नन्दकुमार बघेल को सर्वसम्मति से मनोनीत कर दिया था और 3-4 मार्च 2021 को रायपुर (छतीसगढ़) में राष्ट्रीय अधिवेशन सह कूर्मि महासम्मेलन आयोजित करने के फैसले लिये गये थे।
अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के 2008 से दो गुटों में बंटें महासभा को एकीकरण करके महासभा और कूर्मि समाज को मजबूत करने के लिए नन्दकुमार बघेल को अधिकृत कर दिया गया। सदस्यता अभियान चलाकर पंचायत व वार्ड से राष्ट्रीय स्तर पर देश के सभी राज्यों में कूर्मि समाज के विभिन्न शाखाओं और उपजातियों के मित्रों को महासभा से जोड़कर सदस्य बनाने के निर्णय लेने समेत 126 वर्ष पुराने अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा को अक्षुण्ण बनाये रखने में हर एक कूर्मि मित्रों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आने के लिए आहवान किया था।
नन्दकुमार बघेल अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किये जाने के साथ ही दोनों गुटों के स्वम्भु राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनके समर्थकों से महासभा को एकीकरण करके मजबूत बनाकर सत्ता पर अधिकार करने के लिए कोशिश शुरु कर दिये हैं, जिसमें मार्च के राष्ट्रीय अधिवेशन के पहले ही सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कूर्मि समाज के जागरूक, बुद्धिजीवी और प्रबुद्घ मित्रों से निवेदन किया है कि अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा को एकीकरण करके मजबूत बनाने के लिए आप अपने हिस्से की जवाबदेही सुनिश्चित करें और महासभा समेत कूर्मि समाज के विकास और मजबूती लाने के लिए तन, मन और धन से सहयोग करने की कृपा करे। साथ ही सभी लोग अपने-अपने स्तर से 2008 से बंटे महासभा के दोनों गुटों के स्वम्भु राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनके समर्थकों पर महासभा को एकीकरण करके मजबूत बनाने के लिए उन पर दबाब बनाये, ताकि हमलोगों को महासभा के एकीकरण करके मजबूत बनाने में जल्द से जल्द सफलता मिल सकें और अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के एकीकरण करने सपनें को जल्द पूरा किया जा सकें।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा 

Related posts

Leave a Comment