अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा का चुनाव लोकतांत्रिक विधि से प्रत्येक 2  वर्ष में होना आवश्यक

पटेल विद्याशंकर वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा देश का सबसे पुराना संगठन है, किसी भी समुदाय का संगठन होने का मतलब पूरे समुदाय का संगठन एक हो, तभी उस समुदाय की ताकत का बोध पूरे देश को होता है और उसका देश के समक्ष अपना महत्व होता है। इस संगठन को पद लोलुपता के कारण कुछ लोगों द्वारा अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा की गरिमा को नष्ट नाबूत करते हुए कई संगठनों का रूप दे दिया है, जो इस महत्वपूर्ण संगठन और भारत ही नही अपितु विश्व के कुर्मी समाज के लिए चुल्लू भर पानी मे डूब कर मर जाने जैसी बात हो गयी है, अगर इन पद लोलुपता वाले लोगों में जरा भी मर्यादा नाम की चीज होती और विश्व के कुर्मी समुदाय के हितों की चिंता होती, तो इसके समानांतर दूसरा संगठन न खड़ा करते, मेरा इस संगठन के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि 3 व 4 मार्च 2021 को होने वाली इस संगठन की साधारण सभा मे पद लोलुपता वाले लोगों को दूर करते हुए, और इस महत्वपूर्ण संगठन की गरिमा को पुनः वापस प्राप्त करने के लिए इनसे अतर नई कार्यकारिणी का गठन किया जाए और संगठन के संविधान में सर्व सम्मति से यह प्रस्ताव पारित कर दिया जाए कि इस संगठन का चुनाव लोकतांत्रिक विधि से प्रत्येक 2  वर्ष में होना आवश्यक होगा तथा इस संगठन के नाम से कोई भी व्यक्ति दूसरा संगठन खड़ा करता है तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश 

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