नागरी लिपि परिषद ने मनाया डॉ.शेख का जन्मदिन

डॉ.शम्भू पंवार, नई दिल्ली। नागरी लिपि परिषद नई दिल्ली की मध्यप्रदेश इकाई द्वारा प्रख्यात चिंतक, विचारक, शिक्षविद एवं नागरी लिपि के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.शहाबुद्दीन शेख का जन्मोत्सव बड़े हर्षोउल्लास से मनाया गया।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिक्षविद ब्रजकिशोर शर्मा ने कहा कि डॉ. शहाबुद्दीन शेख बहुआयामी  व्यक्तित्व  के धनी है। वे एक अच्छे इंसान है। शिक्षा के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र की अप्रतिम सेवा की है। इस अवसर पर प्रमुख अतिथि सुरेश चंद्र शुक्ल, शरद, आलोक, मुख्य प्रवक्ता शैलेन्द्र कुमार शर्मा, विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार हरेराम वाजपेयी, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शम्भू पंवार, सुवर्णा जाधव ने डॉ शेख के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। नागरी लिपि मध्यप्रदेश इकाई के संयोजक डॉ. प्रभु चौधरी ने शेख को बधाई देते हुए नागरी लिपि की जानकारी दी। अतिथि परिचय भरत शेंकर व संस्था परिचय डॉ आशीष नायक  ने दिया। सरस्वती वंदना पूर्णिमा कौशिक ने व स्वागत गीत की प्रस्तुति रश्मि चौबे ने दी।
 इस अवसर पर डॉ शेख के व्यक्तित्व व कृतित्व को स्लाइड द्वारा भी प्रतुत किया गया। साहित्यकार व शिक्षविद डॉ मुक्ता कौशिक ने बहुत ही उम्दा बधाई गीत की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम के चार चांद लगा दिए। डॉ. शहाबुद्दीन शेख ने कहा कि यदि भाषा शरीर है तो लिपि उस भाषा की आत्मा होती है। देवनागरी लिपि  एक समन्वित लिपि है। भारतीय संविधान के अष्टम अनुसूची में निर्दिष्ट २२ भाषाओं में से संस्कृत, हिंदी, मराठी, कोंकणी, मैथिली, संथाली, बोडो, डोगरी, सिंधी, नेपाली आदि 10 भाषाओं की लिपि देवनागरी है। इस अवसर पर गोकलेश्वर द्विवेदी, डॉ.शोभा राणे, गरिमा गर्ग, डॉ.शिवा लोहारिया, नजमा शेख, डॉ.दीपिका सूतोदिया, डॉ.प्रवीण बाला, डॉ.सुषमा कोड़े, संजय कुमार, श्वेता पांड्या आदि मुख्य रूप से  उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रोहिणी डाबरे तथा आभार लता जोशी ने व्यक्त किया।

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