श्रीराम कालेज ऑफ इंजीनियरिंग में वेबिनार आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मुज़फ्फरनगर। श्रीराम ग्रुप ऑफ़ कालेजेज की इकाई श्रीराम कालेज ऑफ इंजीनियरिंग में कोविड़-19 के दौर में नवाचार को सफल बनाने एवं उद्यमिता तथा रोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक वेबिनार का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य वक्ता मेसाच्यूसेटस् इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलोजी यू0एस0ए0 के प्रोफेसर रहे प्रो0 राजेश नायर रहे।
वेबिनार का उद्देश्य युवा इंजीनियरस् को नवाचार की प्रक्रिया से अवगत कराने के साथ-साथ उनमें उद्यमिता विकसित कर रोजगारपरक कौशल विकसित करना रहा। ऑनलाईन आयोजित हुये इस वेबिनार में श्री राम ग्रुप ऑफ कालेजेज के संस्थापक चेयरमैन डाॅ0 एससी कुलश्रेष्ठ एवं काॅलेज निदेशक डाॅ0 आलोक गुप्ता एवं संस्थान के प्रवक्ताओं के साथ साथ इंजीनियरिंग के विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम संयोजक प्रवक्ता देवेश मलिक ने कहा कि इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल (नवाचार संस्थान परिषद्) शिक्षा मंत्रालय से संचालित एक संस्थान है, जो तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद एंव मैंम्बर्स आफ इनोवेशन कांउसिल स्टार्टअप की नीतियों एवं संस्कृति को बढावा दे रही है। अतः इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) उपरोक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए की जाने वाली फलदायी पहल है। उन्होंने बताया कि श्री राम ग्रुप आफ कालेज आईआईसी का एक प्रतिष्ठित हिस्सा है और इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को नवोन्मेष और उद्यमिता की नीतियों वं संस्कृति तथा कार्यशैली के उद्देश्यों से अवगत कराया जाता है। इसके साथ ही पेटेंट प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी जाती है। उन्होने बताया कि वेबिनार आईआईसी द्वारा संचालित गतिविधियों में से एक था। यह वेबनार मेसाच्यूसेटस् इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलोजी यूएसए के प्रोफेसर रहे प्रोफेसर राजेश नायर द्वारा लिया गया। प्रोफेसर राजेश नायर के Boston area  में कई Startup भी है। अपने Startup के साथ वें एशिया के विभिन्न यूनिवर्सिटीज एवं काॅलेज में नवोन्मेष पर कार्यक्रम कराते है। उनका उद्देश्य युवा वर्ग में नवाचार की क्रिया जन्म देना एवं उन्हें बनाये रखना है।


बतौर मुख्य वक्ता प्रो0 राजेश नायर ने बतया कि किस प्रकार युवा वर्ग में नवाचार की प्रक्रिया को उजागर किया जा सकता है और किस प्रकार नवाचार द्वारा उद्यमी बनने का रास्ता तैयार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को छोटे छोटे विचारों को प्रारुप देने से शुरु करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए विभिन्न गाॅवों में कराये गये कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उद्यमि बनने से हम दो कार्य सिद्ध करते है। अपने नवाचार को उत्पाद बनाते है और स्वयं का व्यवसाय एवं अन्य कई लोंगो को रोजगार दे पाते है। उन्होंने इंजिनियरिंग के विभिन्न वर्गाें को एकत्रित होकर छात्रों को अपने विचारों का प्रारुप देने के लिए प्रोत्साहित करते हुए बताया कि किस प्रकार स्वयं के नवोन्मेष से उद्यमि बनने के मार्ग में आयी बाधाओं को दूर किया जा सकता है। उन्होने कहा कि सफलता पाने के लिए हार भी बहुत आवश्यक है। क्योंकि हार के परिणामों से व्यक्ति अनुभवशाली एवं काबिल बनता है। और कामयाबी काबिल के द्वार पर हमेशा आती है। अन्त में उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दिया। श्री राम ग्रुप ऑफ काॅलेजेज के चेयरमेन डाॅ0 एससी कुलश्रेष्ठ ने प्रो0 राजेश नायर को धन्यवाद दिया एवं भविष्य में उनसे श्रीराम ग्रुप ऑफ काॅलिजेज से जुड़े रहने और अपने अनुभवों द्वारा संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का ज्ञानार्जन करने को भी कहा।


श्री राम काॅलेज ऑफ इंजिनियरिंग के निदेशक डाॅ0 आलोक गुप्ता ने प्रोफेसर राजेश नायर का आभार प्रकट किया और शिक्षकगणों से प्रोफेसर से जुड़े रहने का आग्रह किया गया। डीन मिस. साक्षी श्रीवास्तव ने छात्रों को उन्हें प्रेरणा के रुप में लेने और उनके विचारों को प्रारुप देने के निर्देश दिये गये। इस अवसर पर इंजिनियरिंग के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं नवाचार संस्थान परिषद श्रीराम ग्रुप ऑफ काॅलिजेज में मुख्य सदस्य देवेश मलिक, विवेक अहलावत, कन्नूप्रिया शर्मा, पारुल जैन, पियूष चौहान व फिरोज आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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