खतौली नगरपालिका का सीमा विस्तार मंजूर, चेयरमैन ने जनप्रतिनिधियों सहित सरकार का आभार जताया


शि.वा.ब्यूरो, खतौली। विधायक विक्रम सैनी के प्रयास से प्रदेश सरकार ने नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को स्वीकृति देने पर नगरवासियों ने विधायक का शुक्रिया अदा किया है। विधायक प्रतिनिधि पंकज भटनागर के अनुसार कस्बे के आसपास का काफी क्षेत्र नगर पालिका परिषद में शामिल हो गया है, जिससे पालिका का आय में वृ(ि होगी और नगर में विकास कार्यो को सुगमता किया जा सकेगा।

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वर्ष 1973 से विचाराधीन नगर पालिका का सीमा विस्तार प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से शासन के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। सीमा विस्तार प्रक्रिया पूर्ण करने में 2 वर्ष का समय लगा, जिसमें नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बिल्किस बेगम सहित चेयरमैन प्रतिनिधि डॉक्टर अथर, चेयरमैन पुत्र काजी नबील अहमद व नगर पालिका परिषद के लिपिक संदीप अग्रवाल का सराहनीय योगदान रहा। चेयरमैन व उनके पुत्र द्वारा विधायक, मंत्री, सभासदों एवं जिला प्रशासन से निकटतम सम्पर्क स्थापित करके नगर पालिका सीमा विस्तार के सहयोग प्राप्त किया। जिसके चलते नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने नगर पालिका परिषद के लगभग 40-50 वर्ष पुराने सीमा विस्तार प्रस्ताव को किया।


पालिका सूत्रों की मानें तो नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार प्रस्ताव किसी भी ग्रामसभा अथवा ग्राम पंचायत के विघटन से दूर है। इसमें आवास विकास काॅलोनी व नगर सीमा से सटे आबादी क्षेत्र सम्मिलित किये गये है। इन क्षेत्रों में नगर पालिका द्वारा पूर्व से ही सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। चेयरमैन पुत्र ने नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार के अपने पिता के सपने को पूर्ण करने में सहयोग प्रदान करने पर सांसद, विधायक, सभासदगण, नगर के गणमान्य व्यक्ति, पालिका के कार्यवाहक निर्माण लिपिक संदीप अग्रवाल सहित चेयरमैन प्रतिनिधि डा. अथर व प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है।

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बता दें कि नगर विकास अनुभाग-2 द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नगर पालिका परिषद खतौली के लघुत्तर नगरीय क्षेत्र में सम्मिलित किये जाने के लिए जिस अधिसूचना को जारी करने का प्रस्ताव करती हैं, उसका प्रारूप संबंधित को सूचना के लिए और उसके संबंध में आपत्तियाँ और सुझाव आमंत्रित करने की दृष्टि से प्रकाशित किया जाता है। प्रस्तावित अधिसूचना में अपेक्षा की गयी है कि इस संबंध में यदि कोई आपत्तियाँ और सुझाव हों तो प्रमुख सचिव नगर विकास अनुभाग-2 को लिखित में संबोधित करके प्रेषित किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा है कि केवल उन्हीं आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया जायेगा, जो इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से पन्द्रह दिन के भीतर प्राप्त होंगे। अधिसूचना के अनुसार नगर पालिका परिषद खतौली के लघुत्तर नगरीय क्षेत्र में सम्मिलित किया जायेगा और यह क्षेत्र इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से नगर पालिका परिषद का प्रादेशिक क्षेत्र होगा।


अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने निदेशक पंचायतीराज व जिलाधिकारी को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि वर्ष 2015 के सामान्य निर्वाचन के उपरान्त नगरीय निकायों के सृजन/सीमा विस्तार के फलस्वरूप प्रभावित ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डी) का आंशिक परिसीमन किया जाना आवश्यक है। इसके लिए आपत्तियों के निस्तारण हेतु जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति के गठन किया जायेगा। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि प्रदेश में ग्राम पंचायतों के आंशिक पुनर्गठन की कार्यवाही अधिकांश जनपदों में की जा चुकी है।

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अगले चरण के रूप में त्रिस्तरीय पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डी) का आंशिक निर्धारण वर्ष 2021 में पंचायत निर्वाचन सम्पन्न कराये जाने हेतु वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर अक्षरशः पूर्व निर्गत शासनादेश दिनांक 06 फरवरी, 2015 के बिन्दु संख्या-1 से लेकर 10 तक उल्लिखित बिन्दुओं में दी गई व्यवस्थानुसार परिसीमन की कार्यवाही करायी जायेगी। जिसके लिए सम्बन्धित आपत्तियाँ जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में तथा जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के संबंध में आपत्तियां जिला पंचायत कार्यालय में अपर मुख्य अधिकारी द्वारा प्राप्त की जायेंगी। साथ ही निर्धारित अवधि में प्राप्त उपरोक्त समस्त स्तर की आपत्तियों का निस्तारण जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जायेगा, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सदस्य व जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नगर विकास विभाग की अधिसूचनाओं के अनुसार जहां राजस्व ग्राम की आबादी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से विभाजित हुई है, वहां वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शेष ग्रामीण आबादी का श्रेणीवार ;एससी, एसटी व ओबीसीद्ध निर्धारण जनपद स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा। इस कार्य हेतु उक्त समिति में सम्बन्धित उप जिलाधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी को भी समिति का विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया जाएगा। समिति का निर्णय अन्तिम होगा।


अपर मुख्य सचिव ने अपेक्षा की है कि प्रस्तावित अधिसूचना का प्रारूप हिन्दी में एक नोटिस के साथ, जिसमें यह उल्लेख हो कि प्रारूप लेख पर दिनांक (15) की समाप्ति पर विचार नही किया जायेगा, अपने कार्यालय तथा एक या एकाधिक प्रमुख स्थानों में, जो सम्बद्ध स्थानीय क्षेत्र के भीतर या उसके आसन्न हो, चिपकवा दें, साथ ही जिले में छपने वाले किसी ऐसे समाचार पत्र में भी प्रकाशित करा दें, जिसमें पब्लिक नोटिस छपवाई जाती हो।

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