वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया ने पत्रकारों को कोरोना योद्धा का दर्जा देने की मांग, कहा-पहले चरण में ही मीडियाकर्मियों को मिले कोरोना वैक्सीन

शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया ने कोरोना महामारी को लेकर हाल ही में मीडियाकर्मियों के बीच एक बड़ा सर्वे करवाया और उनकी राय जानी। वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया ने सर्वे में पाया कि रोजाना किसी पत्रकार की कोरोना से शहीद होने का समाचार दिख जाता है। वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया ने पत्रकारों को कोरोना योद्धा का दर्जा देने की मांग कि है।
वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी ,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय कुमार उपाध्याय के अनुसार हमारी वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया ने पत्रकारों को कोरोना योद्धा का दर्जा देने के लिये प्रधानमंत्री से लेकर कई मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखे है। यूनियन की तरफ से करवाये गए सर्वे में देशभर से पत्रकार शामिल हुए और उन्होंने अपनी राय जाहिर की है कि केंद्र सरकार को मीडियाकर्मियों को कोरोना योद्धा घोषित करना चाहिए। इसके साथ ही केंद्र व राज्य सरकारों को निरंतर मीडियाकर्मियों के covid 19 टेस्ट निःशुल्क करवाने चाहिए और संभावित कोरोना वैक्सीन पहले चरण में ही मीडियाकर्मियों को मिलनी चाहिए ।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय कुमार उपाध्याय के अनुसार जैसे ही देश में कोरोना महामारी फैली, तत्काल हमारी यूनियन ने मीडियाकर्मियों के बीच कल्याणार्थ कार्य शुरू कर दिए। यूनियन ने पत्रकारो को सचेत किया कि उन्हें रिपोर्टिंग के दौरान क्या क्या सावधानियां बरतनी चाहिये। देश मे कोरोना को लेकर जब पत्रकार ही उसका शिकार होने लगे तो उनके बचाव के लिये यूनियन की तरफ से दिल्ली में पत्रकारो को आयुर्वेदिक काढ़ा, आयर्वेदिक सैनिटाइजर, मास्क व आयुर्वेदिक हवन सामग्री की किट वितरित की गयी। इसी तरह से लॉक डाउन से आर्थिक रूप से परेशान कई पत्रकार साथियो को राशनिंग की किट वितरित की गयी। मीडियाकर्मियों को कोरोना महामारी से लेकर हो रही समस्याओं को लेकर देश के प्रधानमंत्री, कई केंद्रीय मंत्रियों व विभिन मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखे गए।
दिल्ली में पत्रकार तरुण सिसोदिया की विवादास्पद मृत्यु का मामला भी यूनियन न उठाया औऱ इस मामले में केंद्रीय श्रम मंत्रालय पर प्रदर्शन भी किया। हमारी मांग व संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने दिवंगत तरुण के परिवार को आर्थिक सहयोग भी दिया। अब यूनियन की मांग है कि जो भी साथी कोरोना से शहीद हो रहे है, सरकार उनके परिवार को एक करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग दे। यूनियन ने फैसला किया है कि यूनियन की तरफ से करवाये गए सर्वे के अनुसार जो भी पत्रकारो की राय बनी है, यूनियन उसी दिशा में आगे के कदम उठायेगी।

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