अद्भुत: सतीश शर्मा ने छठी बार उत्तीर्ण की यूजीसी नेट परीक्षा

शि.वा.ब्यूरो, शिमला। कहते हैं होनहार विरवान के होत चिकने पात। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संस्कृत विषय में पीएचडी कर चुके सतीश शर्मा ने अपनी काबिलियत का फिर एक बार लोहा मनवाया है। बताते चलें कि इन्होंने शिक्षा जगत की सबसे मुश्किल माने जाने वाली यूजीसी नेट परीक्षा 2020 में छठी बार उत्तीर्ण कर एक अद्भुत रिकॉर्ड अपने नाम किया है। सतीश शर्मा वर्तमान समय में एक सरकारी विद्यालय में शास्त्री पद पर कार्यरत है।
इतना ही नहीं सतीश शर्मा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तथा हिमोत्कर्ष संस्था ऊना से अब तक तीन स्वर्ण पदक भी प्राप्त कर चुके हैं। सतीश शर्मा को एम ए द्वितीय सत्र में व्याकरण विषयों में 100% मार्क्स लेने का रिकॉर्ड भी प्राप्त है। वर्ष 2014 में सतीश संस्कृत विषय में यूजीसी जेआरएफ में पूरे भारत वर्ष के चुनिंदा 2% जेआरएफ में अपना स्थान बना चुके हैं। वर्ष 2019 में सतीश शर्मा ने स्लेट परीक्षा में हिमाचल प्रदेश में दूसरा रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया था।यह स्लेट परीक्षा को दो बार उत्तीर्ण कर चुके हैं। इनके शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। सतीश शर्मा के माता पिता कृषक हैं।सतीश ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने गुरुजनों तथा माता पिता को देते हुए कहा कि उन्होंने इस बात को कभी भी अपनी कमज़ोरी नहीं बनने दिया। उनका कहना है कि जीवन की विपरीत परिस्थितियां ही असल जीवन की नींव है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष व अधिष्ठाता भाषा संकाय प्रो. राजिन्द्रा शर्मा ने बधाई देते हुए सतीश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Related posts

Leave a Comment