पुस्तक समीक्षा: प्रज्ञा गौतम की अलौकिक और अन्य कहानियां

दिलीप भाटिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

विज्ञान कथाओं की इस पुस्तक में प्रज्ञा गौतम की सोलह कहानियां है। विज्ञान साहित्य में प्रज्ञा की इस पहली पुस्तक का स्वागत है। विज्ञान में अधिकतर लेख शोध पत्र समाचार आविष्कार कविता पहेली इत्यादि ही अधिकतर लिखे जाते हैं। विज्ञान कहानियां लिखना जानकारी के साथ कल्पना शक्ति के साथ ही सम्भव हो पाता है। प्रज्ञा चिर-परिचित विज्ञान लेखिका हैं। कई सम्मान भी उनकी लेखन प्रतिभा का साक्षात प्रमाण हैं। इस संकलन की कहानियों को पढ़ते हुए एक अलग ही अनुभव हुआ। रोचकता सरल शैली तारतम्य सन्देश पूर्ण भविष्य के संसार के लिए दूर दृष्टि बहुत कुछ इन कहानियां में मिलता है। पाठक की पढ़ने में रुचि बनी रहती है। कुछ कहानियां पाठक के समक्ष प्रश्न चिन्ह भी छोड़ती हैं कि क्या यह संभव है। मिशन जीवन पर्यावरण के प्रति जागरूक करती है। विचित्र वृक्ष प्रकृति से खिलवाड़ के वीभत्स परिणाम के प्रति सचेत करती है। सारा में प्रकृति को बचाने कि मुहिम है। अलौकिक में मानवता के उत्थान का मिशन है। अनुत्तरित प्रश्न में रोबोट पर एक विचारणीय प्रश्न है। अनोखा उपहार में होनहार युवा वैज्ञानिक के शोषण को उजागर किया गया है। सभी कहानियां कुछ प्रश्न भी देती हैं जागरूक सावधान कर आज के विज्ञान पाठकों को सचेत भी करती हैं। एक पठनीय पुस्तक है। विज्ञान के विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों में प्रतियोगियों को उपहार स्वरूप प्रदान कर उनमें विज्ञान के प्रति जागरूक कर सकती है। विज्ञान में शोध कार्य करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। प्रज्ञा की सशक्त कलम को नमन। अगले संकलन की प्रतीक्षा रहेगी ही। लेखिका अपने संपर्क सूत्र भी इस पुस्तक में देती तो पाठक अपनी प्रतिक्रिया लेखिका को भेज सकते थे।
सेवानिवृत्त परमाणु वैज्ञानिक अधिकारी रावतभाटा, राजस्थान 

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