नाग की मौत पर सती हुई नागिन, (शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र के वर्ष 12, अंक संख्या-24, 10 जनवरी 2016 में प्रकाशित लेख का पुनः प्रकाशन)


शि.वा.ब्यूरो, मुरैना। मध्य प्रदेश इतिहास में पति की मौत के बाद पत्नियों के सती होने के किस्से तो सभी ने सुने होंगे, लेकिन मुरैना में एक नागिन ने नाग की मौत के बाद उसकी चिता पर खुद को सती कर लिया।
स्थानीय लोगों की मानें तो करीब 16 दिन पहले एक नाग की मौत हो गई थी, उसके बाद से ही नागिन बिना कुछ खाए नाग के शव के पास बैठी रही। 16 दिन वाद जब ग्रामीणों ने नाग का अंतिम संस्कार किया तो नागिन ने भी जान दे दी। ग्रामीण महिला कमला बाई ने बताया कि जब नाग के शव को चिता पर जलाया जा रहा था तो नागिन भी वहीं आ गई। उसने चिता के चक्कर काटे और फिर फन पटककर प्राण त्याग दिए। इसके बाद गांव की महिलाओं ने नागिन का सुहागिन स्त्री की तरह श्रृंगार किया और उसके शव को भी नाग की चिता में डाल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस नाग जोड़े की अस्थियां गंगा जी में प्रवाहित की जाएंगी, साथ ही उन पर जो पैसे चढ़ाए जा रहे हैं वो राशि और गाँव वाले अतिरिक्त चंदा कर यहाँ भंडारे का आयोजन करेंगे। इसके साथ ही बाद में उनकी याद में चबूतरा बनवाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार खेरिया में खेत में काम कर रहे एक युवक को एक सांप का जोड़ा नजर आया। बाकी लोगों के कहने पर युवक ने दोनों सांप को लाठियों से पीटकर मार दिया और उन्हें उठा कर दूर फेंक दिया। अगले दिन युवक ने पाया कि जहां उसने सांप फेंके थे, वहां एक सांप मरा हुआ है पर नागिन जिंदा है और वो मृत सांप के पास ही बैठी हुई है। घंटों तक नागिन ऐसे ही बैठी रही तो युवक ने ग्रामीणों को बताई। इस बात के गांव में फैलते ही सांप के इस जोड़े को देखने के लिए लोगों का हुजूम लगना शुरू हो गया। उन्होंने सावधानी से दोनों सांपों को उठा कर पेड़ के नीचे रख दिया और उनकी पूजा शुरू कर पैसे चढ़ाना शुरू कर दिए। लोगों ने बताया कि 16 दिन तक नागिन नाग के शव के पास ही बैठी रही। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि ये नाग-नागिन पूर्व जन्म के पति-पत्नी होंगे, इसलिए नागिन नाग को छोड़कर नहीं गयी।

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