हक की बात- जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम कल 03 दिसम्बर को

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जनपद में मिशन शक्ति के अंतर्गत ‘हक की बात-जिलाधिकारी के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन कल 03 दिसम्बर को  पूर्वाह्न 11ः00 बजे से दोपहर 01ः00 बजे तक कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होगा, जिसमें यौन हिंसा, लैंगिक असमानता, घरेलू हिंसा तथा दहेज आदि के सम्बंध में संरक्षण, सुरक्षा तंत्र, सुझावों, सहायताओं के साथ-साथ बालक-बालिकाओं के लिए मनोचिकित्सा व कैरियर काउंसिलिंग के विषय में बालक-बालिकाओं, छात्राओं, महिलाओं द्वारा ऑनलाइन एवं फोन नम्बर 9756832703 पर फोन काॅल के माध्यम से विशेषज्ञों से सलाह/प्रश्न भी पूछे जा सकेंगे। कार्यक्रम में न्  U Tube के माध्यम से जुड़ने के लिए  DPOMuzaffarnagar पर जाकर कार्यक्रम में प्रतिभाग किया जा सकता है, जिसका लिंक  http://www-youtube-com/DPOMuzaffarnagar  है।

निम्नलिखित बिन्दुओं पर किया जायेगा संवाद 

1- मिशन शक्ति के तहत जनपद में दो घंटे के पारस्परिक संवाद का आयोजन।
2- स्थानीय मुद्दों के अलावा, अपनी सुरक्षा, संरक्षण, यौन हिंसा व घरेलू हिंसा आदि पर रखेंगे अपनी बात।
3- बालिकाएं भी पोषण, स्वास्थ्य व अन्य मुद्दों पर कर सकतीं हैं बात।
मिशन शक्ति अभियान के तहत गुरूवार (3 दिसम्बर) को महिलाएं और बच्चे अपने जनपद के जिलाधिकारी से सीधे तौर पर ‘हक की बात’ करेंगी । इसके लिए जिले में पूर्वाहन 11ः00 बजे से दोपहर 01ः00 बजे के मध्य दो घंटे के पारस्परिक संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें महिलायें और बच्चे स्थानीय समस्याओं के साथ ही यौन शोषण, घरेलू हिंसा, दहेज, आर्थिक समस्याओं, शिक्षा तक पहुंच की उपलब्धता की समस्या आदि पर जिलाधिकारी से बात करेंगी, अपने सुझाव देंगी और जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही निवारण हेतु संबधित विभागों या अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे। जिलाधिकारी से सीधे हक की बात करने के लिए जिले में  डेडिकेटेड फोन लाइन, यू ज्नइम स्पअम ैजतमंउपदह आदि माध्यमों का प्रयोग किया जाएगा। इस आयोजन से महिलाओं को अपनी समस्याओं को उचित फोरम पर उठाने का जहाँ मौका मिलेगा वहीँ अपनी बात को उठाने में आड़े आने वाली हिचक भी दूर होगी। महिलायें तथा बच्चे या उनकी ओर से कोई भी घरेलू हिंसा, दहेज शोषण, शारीरिक और मानसिक शोषण, लैंगिक असमानता, बाल विवाह, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, यौनिक हिंसा व छेड़छाड़ आदि मुद्दों पर बात करने के साथ ही इससे निपटने का सुझाव भी जिलाधिकारी के सामने रख सकते हैं। इसके अलावा पोषण और स्वास्थ्य सम्बन्धी मुद्दों तथा अगर किसी महिला या बच्चे की किसी प्रकरण में कहीं सुनवाई नही हो रही है तो भी आने जिलाधिकारी से सीधे बात कर सकते हैं। ज्ञात हो कि प्रदेश में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए चलाये जा रहे ‘मिशन शक्ति’ को हर माह अलग थीम पर मनाने का निर्णय लिया गया है। इस माह की थीम-‘मानसिक स्वास्थ्य तथा मनोसामाजिक मुद्दों से सुरक्षा और सपोर्ट’ तय की गयी है। महिला कल्याण विभाग द्वारा मिशन शक्ति के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के साथ संयुक्त कार्ययोजना बनाकर इसे चलाया जा रहा है। इससे पहले अभियान के तहत किशोर-किशोरियां स्थानीय अधिकारियों से ‘शक्ति संवाद’ के तहत अपनी बात रख चुके हैं।

इन असुरक्षित स्थानों की भी दे सकतीं हैं सूचना

A- विद्यालय के पास शराब की दुकान।
B- विद्यालय के समय आस-पास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा।
C- किसी घर में महिला या बच्चे के साथ किसी प्रकार की हिंसा होना।
D- आने-जाने वाले रास्ते में लाइट न होने से अँधेरे में असुरक्षित माहौल।
F- विद्यालय में चहारदीवारी, शौचालय, भेदभाव रहित वातावरण का न होना।
G- घरों में शौचालय की व्यवस्था का न होना।

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