खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य पूरा, प्रदेश के 652 नगर निकाय ओडीएफ घोषित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। स्वच्छ भारत मिशन नगरीय के अंतर्गत प्रदेश के समस्त नगर निकायों में स्वच्छता अभियान चलाकर खुले में शौच से मुक्त करने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नगर विकास विभाग ने जो बीड़ा उठाया था, उसे समय के पूर्व ही पूर्ण कर लिया गया। नगर निकायों में जिन घरों में स्वच्छ शौचालय नहीं था ऐसे सभी घरों में स्वच्छ शौचालयों का निर्माण कराते हुए नगरवासियों को खुले में शौच से मुक्त कराया गया। निकायों में कुल 887541 व्यक्तिगत शौचालय एवं 61769 सीट के सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालय निर्मित कराये गये है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान बनायें रखने के निर्देश को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक निकाय में महिलाओं के लिए पृथक से 3260 सीट के पिंक शौचालय के निर्माण कराये गये है।
प्रदेश के कुल 652 नगर निकायों को ओ.डी.एफ. घोषित किया गया था और सभी निकायों को भारत सरकार के क्वालिटी कन्ट्रोल आफ इण्डिया द्वारा गहन परीक्षण करते हुए ओडीएफ प्रमाणित किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 652 निकायों में से 392 निकाय ओडीएफ प्लस के रूप में प्रमाणित हो चुके हैं और 17 निकाय ओ.डी.एफ. डबल प्लस के रूप में घोषित हो चुके हैं। नगर निकायों में साफ-सफाई, कूड़ा आदि के उठान हेतु विशेष बल दिया जा रहा है। प्रदेश के नगर निकायों में 12007 वार्डों में से 11872 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य कराया जा रहा है, इससे नगरों की गलियों, मुहल्ले स्वच्छ नजर आ रहे हैं।


प्रदेश के नगर निकायों की स्वच्छता पर प्रदेश सरकार विशेष बल दे रही है। स्वच्छता के प्रोत्साहन हेतु नगर विकास विभाग द्वारा अन्तरवार्ड प्रतिस्पर्धा का आयोजन कराया गया। अखिल भारतीय स्तर पर कराये जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में निकायों द्वारा उत्तरोत्तर प्रगति की गई। वर्ष 2018 में स्वच्छ सर्वेक्षण में राज्य के 03 निकाय नगर निगम गाजियाबाद, आगरा एवं नगर पालिका परिषद समथर झांसी को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ, वहीं स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में राज्य के 14 नगर निकायों को पुरस्कृत किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन हेतु सेनेट्री, लैण्डफिल साइट के विकास हेतु नगर विकास विभाग को ‘सेवारत’ विभाग की श्रेणी में रखते हुए ग्राम समाज की भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। ठोस अपशिष्ट के बेहतर प्रबन्धन हेतु प्रदेश के निकायों को विगत वर्षों में 907.7509 करोड़ रु0 की धनराशि भी दी गई है। ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के अंतर्गत ट्विन बिन की स्थापना, ठोस अपशिष्ट का संग्रहण एवं परिवहन, मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी सेन्टर का निर्माण एवं प्रोसेसिंग की सुविधा विकसित करते हुए नगरों को स्वच्छ बनाया जा रहा है।

Related posts

Leave a Comment