देव उत्थान एकादशी और गन्ना

मृत्युंजय पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

आज जेठवान अर्थात देव उत्थान है। यह एकादशी दीपावली के ठीक 11वें दिन मनाई जाती है। आज आपने शहरों में रोड के किनारे गन्ना बेचने वालों को देखा होगा, जिनके पास बहुत सारी भीड़ खरीदते हुए देखी होगी। कुछ वर्ष पूर्व हमारे यहां खूब गन्ना बोया जाता था। जगह-जगह राब-गुड की भट्ठियाँ लगी होती थी, किंतु अब कहीं-कहीं एकाध खेतों में दिख जाता है।
वर्तमान में लोग भले ही चीनी का प्रयोग ज्यादा करने लगे है, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से गुड़ का अपना अलग ही महत्व है। गांव में आज भी आपने किसी के पानी मांगने पर उसे पहले गुड़ की डली फिर पानी देते हुए देखा होगा। अगर गुड़ के पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, पोटैशियम, जिंक, प्रोटीन, विटामिन बी आदि प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसकी तासीर गरम होने के कारण यह शरीर के मेटाबॉल्जिम को ठीक रखने में मदद करता है। राब वीर्य बढ़ाने वाली तथा वात, पित्त, मूत्रविकार आदि का निवारण करती है। यह वजन को घटाने तथा पाचन क्रिया को भी ठीक रखता है। खून की कमी होने पर भी इसका सेवन लाभकारी है और बहुत से रोगों में इसका प्रयोग किया जाता है, लेकिन अगर आपको डायबीटिक हैं तो गुड़ से खुद को कोसों दूर रखें। बाजार मे बिकने वाला चमकदार गुड़ आपको बीमार कर सकता है, क्योकि इसे चमकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। गन्ने से चीनी, गुड़, शराब आदि का निर्माण भी बड़े पैमाने पर किया जाता है।
किसान जन परिषद्

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