जनपद का अभियोजन मण्डल में उत्कृष्ट व प्रदेश में सराहनीय


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। मिशन शक्ति के तहत जनपद मे कुल 79 अभियोगो का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें सत्र न्यायालय के 20 व अभियोजन संवर्ग के 59 अभियोग सम्मिलित थे। इनके सापेक्ष डीजीसी संवर्ग(सत्र न्यायालय) द्वारा मुअसं 243/14 धारा  363, 376 भादवि एवं 3/4 पोक्सों एक्ट थाना कोतवाली शामली राज्य बनाम हिमाचल उर्फ विकास के अभियोग में पोक्सो कोर्ट नं0 1 मुजफ्फरनगर द्वारा निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त को 10 वर्ष के कारावास व 15000 रू0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।


जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय द्वारा महिलाओं से अभद्र व्यवहार इत्यादि अपराध करने वाले 06 अभियुक्तगण को एवं अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) के न्यायालय द्वारा 21 अभियुक्तगण को गुण्डा एक्ट के अन्तर्गत सुनवाई करते हुए जिला बदर किये जाने के आदेश पारित किये गये है। भू-माफिया एवं गंभीर अभियोग क अपराधियों पर प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप तीन चिन्हित अभियोगो में मा0 विशेष गैंगस्टर न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण के विरूद्व दण्डादेश पारित किये गये है। कोविड-19 के कारण मा0 न्यायालय में सुचारू रूप से संचालित नही होने के उपरांत भी जमानतों का प्रबल विरोध एवं चिन्हित अभियोगों में प्रभावी पैरवी संपादित की जा रही है तथा जनपद का अभियोजन कार्य मण्डल में उत्कृष्ट एवं प्रदेश में सराहनीय है। भारत सरकार की महत्वकांक्षी ‘ई-प्रोजीक्यूशन’’ सिस्टम में उ0प्र0 राज्य डाटा फीडिंग में प्रथम स्थान पर है। जनपद के अभियोजन विभाग द्वारा भी कुल 33817 डाटा फीडिंग की गयी है, जिसमे जनपद उ0प्र0 के दस सर्वश्रेष्ठ जनपदों में शामिल होकर  09वे  स्थान पर है। अभियोजन अधिकारी गंगाशरण द्वारा जमानत विरोध की डाटा फीडिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है।

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