एमडीए सचिव महेन्द्र प्रसाद की बड़ी उपलब्धि, हरिद्वार की तरह नये साल से शुरू हो सकती है गंगाआरती, 70 प्रतिशत काम पूरा, मिनी हरिद्वार जैसा होगा नजारा


शि.वा.ब्यूरो, खतौली। अब गंगनहर के स्नानघाट के सौंदर्यकरण का बीड़ा उठाते हुए एमडीए सचिव महेन्द्र प्रसाद ने इसे मिनी हरिद्वार बनाने के लिए कवायद शुरू कर दी हैं। उन्होंने विभागीय अफसरों व उपजिलाधिकारी इन्द्रकांत द्विवेदी सहित देर शाम गंगनहर पुल का निरीक्षण किया।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव महेन्द्र प्रसाद ने गंगनहर पर चिन्हित स्पाॅट के निरीक्षण के दौरान कहा कि पुल व दोनो घाट सहित सभी आवश्यक स्थानों पर विद्युत रोशनी का उचित प्रबन्ध करने की कवायद जारी है, जल्द ही यह स्थान मिनी हरिद्वार जैसा ही दिखने लगेगा। इस अवसर पर उन्होंने सौंदर्यकरण की कार्ययोजना को परखा। उन्होंने कहा कि यहा फुलवारी, पथप्रकाश व बैठने के लिए बैंच आदि की व्यवस्था की जायेगी। इसके साथ पुल की दीवारों को आकर्षक पेंटिंग से सजाया जायेगा। एमडीए सचिव ने बताया कि निर्माण का कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। लाईट का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि 15 दिसम्बर तक सभी कार्यों को पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि एक जनवरी 2021 यानी नये वर्ष से गंगा आरती आरम्भ हो जाये।


बता दें कि कावड़ यात्रा के दौरान इसे पिकनिक स्पाॅट बनाने की घोषणा की गयी थी। उस समय जनपद के कई जनप्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी व अन्य अफसरों की मौजूदगी में कार्य का श्रीगणेश भी किया गया था। अफसरों ने शासन स्तर से धनराशि उपलब्ध कराने के लिए कवायद भी शुरू कर दी थी। साथ क्षेत्रीय विधायक विक्रम सैनी ने भी इसमें अपना पूरा सहयोग देने की घोषणा की थी।
जानकारों की मानें तो एमडीए सचिव महेन्द्र प्रसाद की कार्यशैली के चलते जहां अवैध निर्माण करने वालों की पेशानी पर बल पडे हुए हैं, वहीं आमजन पूरी संतुष्ट है। सूत्रों के अनुसार एमडीए सचिव ने अवैध कालोनियों के खिलाफ अभियान चला रखा है, जिसके तहत कई अवैध कालोनियों के ध्वस्तिकरण की कार्यवाही की जा चुकी है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी महेन्द्र प्रसाद की कार्यशैली के चलते कई मामलों में बदनाम विकास प्राधिकरण की छवि में खासा सुधार आया है, इसे आमजन भी महसूस कर रहे हैं।

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