ऐसे पहचाने असली-नकली दूध (गोपाष्टमी पर विशेष)

गोवत्स राधे श्याम/इजी0 संतोष पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

अगर अब तक आपको लगता है कि दूध में केवल पानी की मिलावट होती है तो आप गलत है। कई बार दूध में पानी के अलावा कई हानिकारक सामग्री जैसे साबुन, डिटर्जेंट और केमिकल्स आदि को मिलाया जाता है, जिससे की दूध एकदम असली जैसा लगे। हम आपको बता रहे हैं कि रोजाना इस्तेमाल होने वाले दूध को कैसे पहचाने कि वह असली है या नकली-
1- सबसे पहले दूध में पानी की मिलावट को परखने के लिए किसी लकड़ी या पत्थर पर दूध की एक या दो बूंद गिराइए। अगर दूध बहकर नीचे की तरफ गिरे और सफेद निशान बन जाए तो दूध पूरी तरह से शुद्ध है।
2- दूध में डिटर्जेंट की मिलावट को पहचानने के लिए, दूध की कुछ मात्रा को एक कांच की शीशी में लेकर जोर से हिलाइए। अगर दूध में झाग निकलने लगे तो इस दूध में डिटरर्जेंट मिला हुआ है। अगर यह झाग देर तक बना रहे, तो दूध के नकली होने में कोई संशय नही है।
3- दूध को सूंघकर देखें। अगर दूध नकली है, तो उसमें साबुन की तरह गंध आएगी, और अगर दूध असली है, तो उसमें इस तरह की गंध नहीं आती।
4- दूध को दोनों हाथों में लेकर रगड़कर देखें। अगर दूध असली है, तो सामान्य तौर पर चिकनाहट महसूस नहीं होगी। लेकिन अगर दूध नकली है, तो इसे रगड़ने पर बिल्कुल वैसी ही चिकनाहट महसूस होगी, जैसी कि डिटर्जेंट को रगड़ने पर होती है।
5- दूध को देर तक रखने पर, असली दूध अपना रंग नहीं बदलता है, जबकि दूध अगर नकली है, तो वह कुछ समय बाद पीला पड़ने लगेगा।
6- असली दूध को उबालने पर उसका रंग बिल्कुल नहीं बदलेगा, लेकिन नकली दूध का रंग उबलने पर पीला हो जाएगा।
7- सिंथेटिक दूध में अगर यूरिया मिला हुआ है, तो वह गाढ़े पीले रंग का हो जाता है।
8- स्वाद के मामले में असली दूध हल्का-सा मीठा स्वाद लिए हुए होता है, जबकि नकली दूध का स्वाद डिटर्जेंट और सोडा मिला होने की वजह से कड़वा हो जाता है।
9- यदि कॉस्टिक अथवा डिटर्जेंट एवं तेल की सहायता से (सिंथेटिक दूध) बनाया गया है तो यह हल्दी का रंग लाल कर देगा, दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर जांच कीजिये।
किसान जन परिषद्

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