40 हजार पदों के अधियाचन में जोड़ने की मांग, युवा मंच ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष को दिया ज्ञापन


शि.वा.ब्यूरो, प्रयागराज। युवा मंच ने तदर्थ शिक्षक मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेश के तहत टीजीटी-पीजीटी 2020 के विज्ञापन में तदर्थ शिक्षक के खत्म हुए तकरीबन 34 हजार पदों को पूर्व में चयन बोर्ड को 40 हजार पदों के अधियाचन में जोड़ने के संबंध में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष को ज्ञापन दिया है।
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष को भेजे गये ज्ञापन में युवा मंच के संयोजक राजेश सचान ने कहा है कि मंच ने पूर्व में भी तदर्थ शिक्षकों के मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेश के तहत खत्म हो रहे तकरीबन 34 हजार पदों को पूर्व में चयन बोर्ड को 40 हजार पदों के अधियाचन में जोड़ने, जीवविज्ञान व कंप्यूटर शिक्षक पदों को भी विज्ञापन में जोड़ने की मांग आपको प्रत्यावेदन देकर मांग उठाई थी, लेकिन चयन बोर्ड द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेश की अवहेलना सहित तमाम विसंगतियों के चलते विज्ञापन निरस्त करने की नौबत आई, जोकि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। 4 साल के अंतराल में जारी हुए विज्ञापन में इस तरह की खामियां रहना चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लेकिन अभी भी चयन बोर्ड की विज्ञप्ति में सिर्फ तदर्थ शिक्षकों के अधिभार व जीवविज्ञान विषय को शामिल करने का संदर्भ दिया गया है, जबकि तदर्थ शिक्षकों के मामले में पारित सुप्रीम कोर्ट के आदेश में स्पष्ट तौर पर जिक्र किया गया है कि सरकार चाहे तो तदर्थ शिक्षकों को उचित वेटेज देते हुए अलग से विज्ञापन निकाल कर भर्ती कर सकती है या फिर जो विज्ञापन रूटीन भर्ती के लिए है उसमें ही तदर्थ शिक्षकों को शामिल किया जा सकता है। इसका आशय ही यह है कि तदर्थ शिक्षकों के खत्म किये गए पदों को विज्ञापन में जोड़ा जाए। दरअसल तदर्थ शिक्षक एक विशेष आदेश के तहत राजकोष से वेतन आहरित कर रहे हैं, ऐसे में शासन के पास इन शिक्षकों के बारे में जानकारी है और इसलिए प्रबंधकों से अधियाचन मंगाने की जरूरत नहीं है। इसी तरह यूपी बोर्ड में 2000 से ही कंप्यूटर विषय पाठ्यक्रम में है और 19 अक्टूबर 2016 को शासन द्वारा नियमावली में संशोधन कर कंप्यूटर शिक्षक के पद सृजित कर दिये गए। इसी संशोधन के बाद लोक सेवा आयोग द्वारा राजकीय विद्यालयों के लिए एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में कंप्यूटर शिक्षकों के पदों को भी शामिल किया गया था। ऐसे में टीजीटी विज्ञापन में कंप्यूटर शिक्षक के पद शामिल न करने का औचित्य नहीं है। अतः महोदय से अनुरोध है कि उक्त तथ्यों को संज्ञान में लेकर नया विज्ञापन जल्द जारी किया जाये।

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