(अंगों के मुहावरे) अंग पच्चीसा

डॉ. दशरथ मसानिया,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

आंख देख माखी नहीं खाना।
आंखों आंखों में बतराना।1
आंख दिखाना आंख लगाना।
आंख चुराना आंख मिलाना।2
आंखों अंधा गांठा पूरा।
 घोर स्वार्थी ज्ञान अधूरा।।3
आंखें भरना गीली होना।
दुखड़ा देखें मन में रोना।।4
आंखों हंसना आंखों रोना।
आंख झुकाना गले लगाना।5
आंख मारना सबक सिखाना।
बात इशारों में समझाना।6
अंधों आगे रोना रोना।
अपनी आंखों को भी खोना।।7
छाती ठोके बात चलाना।
पूरी हिम्मत काम दिखाना।।8
कान लगाना कानो़ कच्चा।
 फूक कान में खाते गच्चा।।9
नाक कटाना नीची करना।
नाक मारके इज्जत भरना।।10
नाक सिकोड़े नाक फुलाना।
पकड़ी उंगली पहुंची आना।।11
टेढ़ी उंगली घीय निकाले।
सीना चौड़ा उंगली डाले।।12
काट गरीबी पेट लड़ाई।
पेट दिखा कर काम चलाई।।13
पेट में चूहे दौड़ लगाते।
भूखे को भोजन करवाते।।14
 पांचों उंगली घी में आई।
 शीश कढ़ाई मन भर खाई।।15
कांखन लड़का नगर ढिंढोरा।
मुंह में उंगली अचरज कोरा।।16
मुंह की खाना मुंह बतराना।
मुंह लगाके सिर पे बिठाना।।17
घुटने पैर की ओर जाते।
अपनापन ही आप दिखाते।।18
बाई करवट सीधे सोना ।
भोजन पाचन तुरतहि होना।।19
बाएं हाथ का खेल समझना।
हाथ उठाना टांग अड़ाना।।20
हाथ दिखाना हाथ सफाई।
हाथ लगाना हाथ कमाई।।21
बंधी मुठ्ठी  लाख कहाती।
मुट्ठी खोलें दान कराती।।22
नंगे पैरन दौड़त आये।
देख सुदामा काना धाये।।23
जीभ लड़ाती जीभ मिलाती।
मीठी वाणी जग को भाती।।24
पीठन पीछे करें बुराई ।
निंदा रस में दिखे मलाई।।25
23, गवलीपुरा आगर, (मालवा) मध्यप्रदेश

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