युवा मंच ने चयन बोर्ड द्वारा विज्ञापन निरस्त के मामले में हस्तक्षेप हेतु सीएम को भेजा पत्र

शि.वा.ब्यूरो, प्रयागराज। चयन बोर्ड द्वारा विधिक राय लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट के तदर्थ शिक्षक मामले में पारित आदेश की अवहेलना और अन्य विसंगतियों के मद्देनजर विज्ञापन निरस्त करने पर युवा मंच ने आज मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया है कि तदर्थ शिक्षकों के खत्म हुए तकरीबन 34 हजार पदों समेत कंप्यूटर शिक्षक व अल्पकालिक शिक्षक पदों को पूर्व में चयन बोर्ड को प्राप्त 40 हजार पदों के अधियाचन में जोड़ कर नये सिरे से विज्ञापन जारी किया जाये।
युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के तदर्थ शिक्षक मामले में स्पष्ट आदेश है कि इन पदों को भी विज्ञापन में शामिल किया जाये, लेकिन चयन बोर्ड, प्रबंधकों और अन्य विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसा नहीं किया जा रहा है जोकि सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेश की अवहेलना है। इसी तरह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 19 अक्टूबर को नियमावली में बदलाव कर कंप्यूटर शिक्षक पदों के लिए स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया गया, राजकीय विद्यालय में इसी संशोधन के बाद कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती हुई लेकिन ऐडेड स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षक के पदों को सृजित नहीं किया गया। इन विसंगतियों को दूर किये बिना ही विज्ञापन निकाला गया तो पुनः न्यायिक पचड़े में चयन प्रक्रिया के उलझने से इंकार नहीं किया जा सकता है। दरअसल विज्ञापन जारी करने के पूर्व ही युवा मंच ने चयन बोर्ड अध्यक्ष को पत्रक देकर इन सवालों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया था लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया जिसका नतीजा विज्ञापन निरस्त करने के बतौर सामने है।

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