यूपी में सहायक शिक्षक 69000 भर्ती के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील खारिज, बढ़े हुए कटऑफ़ को दी अनुमति


शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। यूपी में चर्चित 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बढ़े हुए कटऑफ को अनुमति देते हुए हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गयी अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने यूपी सरकार के इस वक्तव्य को रिकॉर्ड पर लिया कि नये कटऑफ की वजह से नौकरी से वंचित रह गए शिक्षा मित्रों को अगले साल एक और मौका दिया जाएगा।
बता दें कि यूपी में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती परीक्षा 6 जनवरी 2019 को हुई थी, इसके अगले ही दिन यानी 7 जनवरी को कट ऑफ मार्क्स जारी कर दिये गये थे। कटऑफ 60 और 65 फीसदी तय किया गया था, जिसके खिलाफ शिक्षा मित्र हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और सिंगल बेंच का फैसला उनके पक्ष में आया था। कोर्ट ने कहा कि कट ऑफ 40 और 45 फीसदी किया जाए। फिर मामला डबल बेंच में गया और बदल बेंच ने सरकार के 60 और 65 फीसदी कट ऑफ को जायज ठहराया। इसके बाद शिक्षा मित्र सुप्रीम कोर्ट गए, जहां सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला देते हुए 60 और 65 फीसदी नम्बर को जायज कहा है। हालांकि शिक्षा मित्रों को अगली वैकेंसी में परीक्षा देने का एक और मौका दिया जाएगा।
युवा मंच के संयोजक राजेश सचान की माने तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 69000 शिक्षक भर्ती में सरकार द्वारा जानबूझकर पैदा किये गए विवादों का पटाक्षेप हो गया है। उनका मानना है कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव और चयन संस्थाओं के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार, अलोकतांत्रिक संचालन आदि वजहों से अनगिनत विवाद पैदा हो रहे हैं और इसमें शासन-प्रशासन, न्यायालय सहित युवाओं की ऊर्जा जाया हो रही है। श्री सचान का कहना है कि 2.25 लाख खाली शिक्षक पदों में करीब सवा लाख प्रधानाचार्य के पदों को खत्म करने के बाद भी लगभग एक लाख शिक्षक पद अभी भी खाली हैं। इसके साथ ही परिषदीय व प्रबंधकीय जूनियर हाईस्कूल में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली हैं। राजकीय विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में कंप्यूटर शिक्षक समेत गणित, विज्ञान आदि महत्त्वपूर्ण विषयों के करीब 4 हजार पद खाली रह गए हैं। टीजीटी पीजीटी में 40 हजार पदों के अधियाचन के सापेक्ष मात्र 15 हजार पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है शेष पद खाली हैं।
राजेश सचान ने कहा है कि युवा मंच रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने और सभी खाली पदों पर समयबद्ध भर्ती के लिए अरसे से आंदोलन चला रहा है। रोजगार का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर बनाने में हम सफल रहे हैं, लेकिन अभी रोजगार के अधिकार के लिए और बड़े पैमाने पर प्रयास और युवाओं की एकजुटता की जरूरत है। उत्तर प्रदेश में खाली पदों पर भर्ती के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए जल्द ही मीटिंग कर अभियान संचालित करने के लिए रणनीति तैयार की जायेगी। उन्होंने युवाओं इस अभियान से जुड़ने का आहवान करते हुए वाट्सएप नंबर 9451627649 जारी किया है, जिस पर मैसेज करके इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए आप सुझाव दिये जा सकते हैं।

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