हर्षोउल्लास से मनाया दीपावली का पर्व

डॉ. शम्भू पंवार, नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में हिंदुओं का सबसे प्रमुख त्यौहार दीपावली बड़े उत्साह ओर हर्षोल्लास से मनाया गया। इस बार दीवाली पूजन का समय गोधूलि वेला से प्रारम्भ होने से सांय होते ही व्यवसायी अपने अपने प्रतिष्ठानों में ओर आमजन अपने अपने घरों में साफ-सफाई कर के युवतियां, बच्चे बड़े उत्साह से सुंदर-सुंदर रंगोली बनाने में लग गई तथा सांय होते ही विधि विधान से विघ्नहर्ता गणेश, लक्ष्मी, कुबेर जी की पूजा अर्चना की। मार्किट में सुबह से लोगो की काफी गहमागहमी रही। कोरोना काल से त्रस्त लोग काफी समय बाद खुल कर बाजारों में खरीददारी को आये, फिर भी मास्क लगाना नही भूले।
कोरोना काल मे हुई आर्थिक मार का असर मार्किट में खरीदारी पर देखने को मिला। इलेक्ट्रॉनिक्स, ज्वेलरी, व  नए वाहन के प्रतिष्ठानों की सेल पहले की अपेक्षा बहुत कम रही, जबकि मार्केट में मिष्ठान, रेडिमेड, पूजा सामग्री, सजावटी सामान की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली। दीपावली पर व्यवसायियों ने अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को रंगीन इलेक्ट्रिक लाइट, बन्दरवार से काफी आकर्षक ढंग  से सजाया। भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव को लेकर आमजन ने इस बार चाइनीज समान इलेक्ट्रिक लाइट, बन्दरवार, दीपक आदि समान का बहिष्कार किया। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फ़ॉर वोकल के आह्वान पर लोकल बन्दरवार,लाइट व मिट्टी के दीयो से दीवाली का त्यौहार मनाया। इस बार दीवाली कुंभकारों के लिए खुशियां की सौगात लेकर आई है। कुम्भकारों ने भी समय के साथ आधुनिकता की हवा और जनमानस की भावनाओं को समझा। और मिट्टी के दीपको पर अपनी कला को आधुनिक  डिजाइनिंग और रंग बिरंगे रंगों में कलात्मक रूप देकर नए जोश और उत्साह से मार्केट में लेकर आए ।मिट्टी के बने इन रंग बिरंगे कलात्मक दीपकों ने आमजन को काफी आकर्षित किया।लोगो ने प्राचीन परंपरा के अनुरूप बड़े उत्साह से मिट्टी के दीयों से  अपने घर व प्रतिष्ठान जग मग रोशन कर दीपोत्सव मनाया।

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