अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा ने निर्धारित किया 5 वर्षों में 1 करोड़ आजीवन सदस्य बनाने का लक्ष्य

कूर्मि कौशल किशोर आर्य, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा का उदेश्य आपस में विवाद कराकर कटुता फैलाना नहीं, वरन एक और संगठित होकर समाज का विकास और मजबूती करना है। जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर कूर्मि समाज के सभी अलग-अलग राज्यों के कूर्मि शाखाओं और उपजातियों के मित्र जुड़े हुए हैं। कूर्मि समाज के जिन जागरूक और जिम्मेदार मित्रों की जहाँ, जिस राजनैतिक दलों में मर्जी हो जुड़े, इसका कोई दबाब या सलाह महासभा नहीं देती है। महासभा का काम है कूर्मि समाज के विभिन्न संगठनों, शाखाओं और उपजातियों में आपस में बंटे कूर्मि समाज के लोगों को जागरूक और संगठित करके शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, बौद्धिक, वैचारिक, मानसिक और राजनैतिक विकास और मजबूती करके विभिन्न राजनैतिक दलों से कूर्मि समाज के ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ क्रांतिकारी साथियों को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है, पर इतने बड़े काम को कोई अकेला नहीं कर सकता है, इसीलिए कूर्मि जाति के हम सभी शाखाओं और उपजातियों के मित्रों को अपने हिस्से की भूमिका सुनिश्चित करनी होगी। ध्यान रहें! यह महासभा किसी व्यक्ति विशेष या दल विशेष का नहीं है, यह कूर्मि समाज का ग्रुप है। कोई व्यक्ति इसे व्यक्ति विशेष, गुट विशेष या दल विशेष का ग्रुप समझने की कोशिश नहीं करे।
अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा से जुड़ा प्रत्येक सदस्य महीने में कम से कम 10 लोगों को महासभा के सदस्य बनाने की कोशिश करें ओर सर्वे रिपोर्ट भी तैयार करें। अब सिर्फ बातें करने या भाषण करने से काम नहीं चलेगा, वरन कूर्मि समाज के विकास और मजबूती के लिए सकारात्मक योजनाएं, रचनात्मक कार्य धरातल पर करने होंगे।

संगठन के लिए अनिवार्यताएं 

(1) सही पदाधिकारी/नेतृत्व,नायक( ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ क्रांतिकारी)
(2) एकता( प्रेम = त्याग और समर्पण)।
(3) सदस्य /कार्यकर्ता (मैनपावर)
(4) संसाधन( इंफ्रास्ट्रक्चर)
5) धनपावर (धन की व्यवस्था)
(6)वर्तमान और भविष्य की कार्य योजनाएं/रोडमैप/मास्टर प्लान।
(7) स्थानीय प्रशासन, राज्य और केन्द्र सरकार में पहुंच/ एप्रोच।
(8) समाज के लोगों की सभी सरकारी, अर्धसरकारी और प्राइवेट विभाग समेत अन्य व्यवसाय, कृषि, उद्योग -धंधों से संबंधित कूर्मि मित्रों की नाम, पता पिन कोड समेत, विभाग, सम्पर्क नं समेत पूरी सूची ।
(9) अन्याय।
         कूर्मि समाज के विभिन्न संगठनों के, विभिन्न शाखाओं और उपजातियों के आप सभी स्वजाति मित्रों से साग्रह निवेदन है कि आपस में बेकार और फालतू विषय पर बेमतलब चर्चा या विवाद करके अपनी और दूसरे कूर्मि मित्रों की ऊर्जा और समय बर्बाद नहीं करें, अपने बहुमूल्य समय और ऊर्जा को सकारात्मक विषय पर विचार-विमर्श में लगाये, तभी अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के 5 वर्ष के प्रोजेक्ट 1 करोड़ देश के कूर्मि मित्रों को जोड़ने का सदस्य बनाने के लक्ष्य को पूरा कर सकते हैं।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा 

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