आज दीवाली है

डॉ. राजेश पुरोहित, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

मिठाई ले आना बापू आज दीवाली है।
सूखी रोटी खाऊंगा न आज दीवाली है।।
नये कुर्ते और पाजामे ले आना मेरे।।
मैं भी राजकुमार बनूँगा आज दीवाली है।।
घर आंगन सबके सजे हैं कितने लगते प्यारे हैं।
एक दीप जलेगा अपने घर आज दीवाली है।।
अरमानों की फटी रजाई ओस की बूंदें टपकी है।
महंगाई के इस युग में फिर से आई  दीवाली है।।
साहूकार से कह देना ब्याज समेत ले लेना।
एक बार और दे उधार मुन्नू ने कहा दीवाली है।।
भवानीमंडी, राजस्थान

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