डॉ. सफल कुमार ने दिया मूलमंत्र, कहा-संतुलित आहार से विकसित होती है बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता

शि.वा.ब्यूरो, शामली। बच्चों के सर्वांगीण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है। इससे न सिर्फ बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास होगा, बल्कि रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी। खासकर ठंड के मौसम में तो बच्चों के देखभाल की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे में खुद के साथ-साथ बच्चों की सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। छोटे-छोटे बच्चों का उसके स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए कौन सा आहार हो, इसको लेकर जागरूक रहने की जरूरत है। बच्चों को अगर विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते हैं तो उसके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।

बच्चों के आहार का रखें विशेष ख्याल

जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सफल कुमार का कहना है कि बच्चों के आहार के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल, बचपन में प्रतिरोधक क्षमता तेजी से विकसित होती है। अगर इस दौरान सावधान रहेंगे तो आगे ज्यादा परेशानी नहीं होगी। इसलिए जरूरी है कि उनके भोजन में दूध, अनाज की पर्याप्त मात्रा रहे। साथ ही पानी और जूस भी अधिक से अधिक दें। बच्चे के शारीरिक विकास के लिए कैलोरी बहुत जरूरी है। अधिक कैलोरी के लिए पर्याप्त मात्रा में दूध और साबुत अनाज जरूरी है।

शारीरिक विकास के लिए प्रोटीन जरूरी

डॉ. कुमार के मुताबिक बच्चों को कॉर्नफ्लैक्स और ओट्स दे सकते हैं। वहीं, प्रोटीन की कमी से शारीरिक विकास सही तरीके से नहीं हो पाता है और मस्तिष्क संबंधी भी कई तरह के विकार पैदा हो जाते हैं। इसके अलावा मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है। प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाने के लिए बच्चों को सही मात्रा में विटामिन और मिनरल दें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

जन्म के शुरुआती एक घंटे में नवजात को स्तनपान जरूर कराएं। छः माह तक शिशु को सिर्फ स्तनपान कराएं, ऊपर से कुछ भी नहीं दें। स्तनपान कम से कम दो साल तक जारी रखें। छह माह पूरे होने के बाद बच्चे को स्तनपान के साथ संपूरक आहार देना शुरू करें। शुरुआत में प्रतिदिन बच्चे को अलग-अलग आहार खिलाएं। इस बात का ध्यान रखें कि इनमें पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में शामिल हों। बच्चे को प्यार से समझाएं, उसे खेल-खेल में खाना खिलाएं। उन्हें सलाद, फल और सब्जियां काट कर दें। बच्चों को खेलने दें, वह जितना ज्यादा थकेंगे उन्हें उतनी ही भूख लगेगी।  बच्चे को पौष्टिक खाना खाने की आदत डालें और बाहरी खाना खिलाने से बचें।

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