दीपावली संकल्प

प्रीति शर्मा “असीम”, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

जला कर एक दीया विश्वास का,
हमें मानव सभ्यता में विजयी उद्घोष जगाना है ।
हम हैं भारत की संतान,
कोरोना  से टूटी अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत बनाना है।
जलाकर दूसरा दीया प्रेम का
हमें आपसी भाईचारा लाना है।
 धर्म की आड़ लेकर लड़ाने वालों को
मुंहतोड़ जवाब दे जाना है।
जलाकर तीसरा दीया देश हित में लगे
असंख्य जनों के प्रति कृतज्ञ हो जाना है ।
अपने देश के सैनिकों और किसानों  के हित के लिए
दुआ में हाथ उठाना है।
जलाकर चौथा दीया बुराई से लड़ने के लिए,
आवाज उठाना है।
यह कैसा समाज दे रहे हैं।
 जीवन त्रासदी का अंत पाना है।
जलाकर पांचवा दीया कुदरत का उपकार मनाना है।
बहुत गलतियां कर चुके हम कुदरत के साथ
अब समस्त भूले सुधारते जाना है।
जलाकर छठा दीया स्वच्छ भारत का मान बढ़ाना है
गंदगी को आसपास से ही नहीं
गंदी सोच से भी हटाना है।
जलाकर सातवां दीया सत्य का पथ अपनाना है
मिलावट, धोखेबाजी, भ्रष्टाचार समाज से तभी निकलेगी,
पहले अपने भीतर का रावण मार गिराना है
जलाकर आठवां दीया अपनी अमर सभ्यता का ध्यान कर जाना है
विदेशी भीड़ का हिस्सा होने से,
अच्छा स्वदेशी संस्कार अपनाना है।
जलाकर नौवां दीया संकट के  काल में
जीवन को संकट मुक्त बनाना है।
जरूरतों के हिसाब से हो  जिंदगी हर जिंदगी को जीवन में खुशहाल बनाना है
इस दीपावली देकर रोजगार हर नागरिक को आत्मनिर्भर भारत बनाना है
सोलन, हिमाचल प्रदेश

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